राज्य
10-May-2026
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भोपाल,(ईएमएस)। मध्य प्रदेश में पिछले दस दिनों से जारी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर थमते ही अब मौसम के तेवर तल्ख होने वाले हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के भोपाल केंद्र ने एक गंभीर चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि 12 मई से पूरे प्रदेश में भीषण लू (हीटवेव) का असर शुरू हो जाएगा। रविवार से ही तापमान में तेजी से उछाल देखा जा रहा है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में गर्मी अपना रौद्र रूप दिखाएगी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सर्कुलेशन का प्रभाव खत्म हो चुका है, जिसके चलते आसमान साफ हो गया है। अब सूर्य की सीधी तपिश धरती पर पड़ रही है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में अगले कुछ दिनों के भीतर दिन का पारा 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने के आसार हैं। वर्तमान स्थिति की बात करें तो रतलाम में तापमान पहले ही 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा चुका है, जो मई के इस पखवाड़े में सामान्य से अधिक है। शाजापुर में 43.8 और धार में 42.6 डिग्री सेल्सियस के साथ गर्मी ने लोगों को बेहाल करना शुरू कर दिया है। आईएमडी की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक, 12 और 13 मई को विशेष रूप से पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में लू का असर सबसे तीव्र रहेगा। गर्मी के इस तीखे प्रहार को देखते हुए प्रशासन ने स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी जारी की है। विशेषज्ञों ने दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सीधे धूप के संपर्क में आने से बचने, पर्याप्त पानी पीकर शरीर को हाइड्रेटेड रखने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। इस भीषण गर्मी का असर केवल जनजीवन पर ही नहीं, बल्कि कृषि और बिजली आपूर्ति पर भी पड़ने की आशंका है। पशु-पक्षियों के लिए पानी की किल्लत बढ़ सकती है और शहरों में बिजली की मांग बढ़ने से ग्रिड पर दबाव बढ़ेगा। गौरतलब है कि मई का महीना मध्य प्रदेश के लिए ऐतिहासिक रूप से सबसे गर्म रहा है। ग्वालियर जैसे शहरों में पारा 48 डिग्री तक पहुंचने का रिकॉर्ड रहा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश का दौर जल्दी थमने के कारण इस बार लू का प्रभाव पहले की तुलना में अधिक घातक हो सकता है, इसलिए स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। - ईएमएस/10मई 2026