राज्य
10-May-2026
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- ऑफलाइन दस्तावेजों पर बिना पढ़े हस्ताक्षर करने से बचें - गलत जानकारी बन सकती है परेशानी (अभिनय कुमार जैन) भोपाल (ईएमएस)। देशभर में शुरू हुई जनगणना प्रक्रिया को लेकर अब जागरूक नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि नागरिक अपनी जनगणना की पूरी प्रक्रिया अपने सामने ऑनलाइन माध्यम से ही करवाएं और किसी भी ऑफलाइन फॉर्म या दस्तावेज़ पर बिना जांचे-परखे हस्ताक्षर न करें। जानकारों के अनुसार डिजिटल और ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाने से पारदर्शिता बढ़ती है तथा नागरिक अपनी व्यक्तिगत जानकारी स्वयं सत्यापित कर सकते हैं। इसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर, परिवार के सदस्यों का विवरण, जन्मतिथि, जाति और अन्य आवश्यक जानकारियां तुरंत देखी जा सकती हैं। इससे भविष्य में गलत एंट्री, फर्जीवाड़े या रिकॉर्ड संबंधी विवाद की संभावना काफी कम हो जाती है। विशेष रूप से ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में कई बार लोग जल्दबाजी या जानकारी के अभाव में बिना पढ़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर देते हैं। बाद में जब सरकारी योजनाओं, पहचान पत्रों या अन्य प्रशासनिक कार्यों में त्रुटियां सामने आती हैं, तब सुधार करवाने में लंबा समय और परेशानी उठानी पड़ती है। सामाजिक संगठनों ने नागरिकों से अपील की है कि जनगणना कर्मचारी जब भी जानकारी लेने आएं, तो पूरी प्रक्रिया मोबाइल, टैबलेट या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने सामने ही पूरी करवाएं। यदि किसी जानकारी में गलती दिखाई दे तो उसे तुरंत ठीक करवाएं। साथ ही आधार नंबर, ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी या अन्य निजी डेटा किसी अज्ञात व्यक्ति को साझा न करें। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल जनगणना प्रणाली भविष्य की सरकारी योजनाओं और लाभ वितरण को अधिक प्रभावी बनाएगी। सही आंकड़े सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक कल्याण योजनाओं की बेहतर योजना बनाने में मदद करेंगे।जागरूक नागरिकों का कहना है कि जनगणना केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं बल्कि देश की विकास नीति की आधारशिला है। इसलिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह सही जानकारी दे और पूरी प्रक्रिया को सावधानीपूर्वक अपने सामने सत्यापित करे, ताकि राष्ट्रीय स्तर का यह महत्वपूर्ण अभियान पूरी तरह विश्वसनीय और पारदर्शी बन सके।