क्षेत्रीय
10-May-2026
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- पति-पत्नी और पिता-पुत्र के भावुक मिलन ने छुआ सभी का दिल बिलासपुर (ईएमएस)। नेशनल लोक अदालत के तहत शनिवार को कुटुंब न्यायालय बिलासपुर में कुल 119 प्रकरणों का निराकरण किया गया। प्रधान न्यायाधीश आलोक कुमार की खंडपीठ में 70, प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश मुकेश कुमार पात्रे की खंडपीठ में 23 तथा द्वितीय अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश स्वर्णलता टोप्पो की खंडपीठ में 26 मामलों का निराकरण किया गया। लोक अदालत के दौरान कई भावुक दृश्य भी देखने को मिले। प्रधान न्यायाधीश आलोक कुमार की खंडपीठ में एक पति-पत्नी, जो पिछले दो वर्षों से अलग रह रहे थे, न्यायालय की समझाइश पर फिर साथ रहने को तैयार हुए। पति ने शराब नहीं पीने और नशा मुक्ति केंद्र में उपचार कराने का वचन दिया, जिसके बाद पत्नी उसके साथ घर जाने को राजी हो गई। लोक अदालत की कार्यवाही में सदस्य अब्दुल सलीम कुरैशी, प्रशांत गनोरकर, कमलकांत मिश्रा, दिनेश चंद्र पाण्डेय, ज्ञानेश्वर सिंह, विनोद शर्मा सहित न्यायालयीन कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा। - धार्मिक स्थलों की यात्रा का आश्वासन, एक हुए पिता-पुत्र द्वितीय अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश स्वर्णलता टोप्पो की खंडपीठ में 62 वर्षीय पिता ने पुत्र के खिलाफ भरण-पोषण का मामला दायर किया था। न्यायालय की समझाइश के बाद पुत्र ने पिता को साथ रखने, उपचार कराने और धार्मिक स्थलों की यात्रा कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद पिता ने बेटे को गले लगा लिया और दोनों साथ घर लौट गए। - बच्ची को देख पसीजा पिता, पत्नी को ले गया घर एक अन्य मामले में गर्भवती महिला मायके चली गई थी, जहां उसकी डिलीवरी हुई। लोक अदालत में महिला अपनी मासूम बच्ची को लेकर पहुंची। बच्ची को देखकर पिता भावुक हो गया और परिवार फिर एक हो गया। इस तरह लोक अदालत में कुटुंब न्यायालय में 119 प्रकरणों का निराकरण हुआ। - 10 मई 2026