क्षेत्रीय
10-May-2026
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- सोलर पंप से लहलहा रही फसलें, डीजल खर्च और बिजली बिल से मिली राहत ग्वालियर (ईएमएस)| बदलती तकनीक और सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ किस प्रकार एक किसान की जिंदगी बदल सकता है, इसका जीवंत उदाहरण हैं प्रगतिशील किसान श्री मानसिंह बघेल। उन्होंने सरकार की कुसुम-बी योजना के तहत अपने खेत में सोलर पंप लगवाया है। सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था से उनकी खेती की लागत कम हो गई है। साथ ही फसल उत्पादन में 25 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। ग्वालियर जिले के विकासखंड भितरवार के ग्राम भरथरी (टेकनपुर) निवासी मानसिंह बघेल ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कुसुम योजना (घटक-बी) के अंतर्गत 90 प्रतिशत अनुदान पर स्टैंडअलोन सोलर पंप स्थापित कराया है। इस एक निर्णय ने उनकी खेती की दशा और दिशा दोनों बदल दीं। अब दिनभर सूर्य की रोशनी से उनके खेतों में निर्बाध और नि:शुल्क सिंचाई हो रही है। इससे सिंचाई पर होने वाला डीजल व बिजली बिल का खर्च पूरी तरह समाप्त हो गया है। मानसिंह बघेल के पास पर्याप्त कृषि भूमि है, किंतु सिंचाई सदा उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती रही। पहले वे डीजल पंप और अस्थायी बिजली कनेक्शन के सहारे अपने खेतों की सिंचाई करते थे। डीजल व बिजली बिल पर काफी धनराशि खर्च हो जाती थी, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती और इसका सीधा असर परिवार की आर्थिक स्थिति पर पड़ता था। सोलर पंप स्थापित होने के बाद मानसिंह बघेल के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आया है। अब दिनभर सूरज की रोशनी से उनके खेतों में निःशुल्क और निर्बाध सिंचाई होती है। समय पर सिंचाई सुनिश्चित होने से उनकी फसलों में 25 से 30 प्रतिशत तक की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मानसिंह बघेल बताते हैं कि सोलर पंप लगने से समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है। सिंचाई समय पर होने से फसलें बेहतर हुई हैं और उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। उनका कहना है कि अब मुझे बिजली बिल की चिंता नहीं रहती। मेरा घर भी सौर ऊर्जा से रोशन हो रहा है। मानसिक बघेल सरकार के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहते हैं कि कुसुम-बी योजना हम जैसे हजारों किसानों के लिए ऊर्जा स्वावलंबन और समृद्धि का द्वार खोल रही है। उन्होंने क्षेत्र के अन्य किसानों से भी शासन की अनुदान आधारित योजना से सोलर पंप लगवाकर खेती को लाभकारी बनाने की अपील की है।