रायपुर (ईएमएस)। प्रदेश के दो दर्जन से अधिक युवकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है । पीड़ित युवक ने राजधानी रायपुर के कटोरा तालाब निवासी हिमांशु शर्मा पर यह आरोप लगाया है। मामला अब पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला तक पहुंच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने जांच के आदेश दिए हैं। डीसीपी पश्चिम संदीप पटेल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जानकारी के अनुसार, कटोरा तालाब नेताजी चौक के पास रहने वाला हिमांशु शर्मा पिछले दो सप्ताह से फरार है। पीड़ित युवक लगातार उसके घर के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन न तो वह घर में मिल रहा है और न ही उसका मोबाइल फोन चालू है। बताया जा रहा है कि हिमांशु कटोरा तालाब स्थित सुमित बाजार के सामने अमरानी निवास की तीसरी मंजिल पर किराए से रहता था। मकान मालकिन आशा अमरानी ने सिविल लाइन थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि आरोपी ने तीन महीने का किराया नहीं दिया और आधी रात को बाहर से मकान लॉक कर फरार हो गया। पीड़ितों के अनुसार, हिमांशु शर्मा युवाओं को शेयर ट्रेडिंग में लाखों रुपये कमाने का सपना दिखाता था। वह खुद को शेयर बाजार का बड़ा जानकार बताकर लोगों का भरोसा जीतता था। आरोप है कि उसने निजी बैंकों और फाइनेंस कंपनियों के एजेंटों से मिलीभगत कर युवाओं के नाम पर लाखों रुपये के लोन निकलवाए। बताया जा रहा है कि वह पहले से लोन के दस्तावेज तैयार रखता था और “सिविल स्कोर चेक” करने के नाम पर युवाओं से हस्ताक्षर करा लेता था। इसके बाद उनके नाम पर लोन लेकर रकम खुद रख लेता था। इतना ही नहीं, उसने कई युवाओं के नाम पर आईफोन, फ्रिज और एसी जैसी महंगी वस्तुएं फाइनेंस कराईं और बाद में उन्हें बेचकर रकम हड़प ली। पीड़ितों को ठगी का पता तब चला जब निजी फाइनेंस कंपनियों और बैंकों से किस्त जमा करने के कॉल आने लगे। युवाओं ने जब हिमांशु शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की तो वह पहले ही फरार हो चुका था। पीड़ितों ने बताया कि हिमांशु बेहद आलीशान जीवनशैली जीता था। वह महंगे कपड़े, मोबाइल और लग्जरी लाइफस्टाइल दिखाकर युवाओं को प्रभावित करता था। अपनी बातों को सच साबित करने के लिए वह मोबाइल पर फर्जी क्रेडिट मैसेज भी दिखाता था, जिससे लोग उसके झांसे में आ जाते थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपी की तलाश की जा रही है। - 10 मई 2026