- सेंसेक्स 1100 अंक टूटा, निफ्टी 23,900 के निचले स्तर पर मुंबई (ईएमएस)। कमजोर वैश्विक संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान चौतरफा बिकवाली से निवेशकों के हजारों करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। बीएसई सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा और एनएसई निफ्टी 266 अंक से अधिक टूटकर बंद हुए, जिससे बाजार में अनिश्चितता का माहौल गहरा गया है। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों का सेंटिमेंट बेहद कमजोर दिखाई दिया। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण घरेलू बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा। बीएसई सेंसेक्स 908.78 अंक गिरकर 76,407.18 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी50 भी 266.75 अंक की गिरावट के साथ 23,909.70 पर आ गया। निफ्टी50 इंडेक्स के शेयरों में टाइटन कंपनी, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पर देखा गया। निवेशकों ने मुनाफावसूली का सहारा लिया और कमजोर बाजार धारणा का असर इन प्रमुख शेयरों पर साफ दिखाई दिया। सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, व्यापक बाजार भी इस गिरावट की चपेट में आ गया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.84 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.14 फीसदी तक फिसल गए। वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक जोखिम भरे शेयरों से किनारा करते हैं, जिसका खामियाजा अक्सर मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों को भुगतना पड़ता है। कंज्यूमर ड्यूरेबल और ऑटो शेयरों में बिकवाली, कच्चे तेल ने बढ़ाई चिंता सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडेक्स में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त मीडिया, ऑटो और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में भी कमजोरी रही। हालांकि, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेक्टर ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर बाजार को थोड़ी राहत देने की कोशिश की। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के नए प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है, जिसका सीधा असर वैश्विक बाजारों पर पड़ रहा है। इसी उथल-पुथल भरे माहौल के बीच सोमवार को कई प्रमुख कंपनियां अपनी चौथी तिमाही के नतीजे घोषित करेंगी, जिन पर बाजार की नजर बनी रहेगी। इन नतीजों से आगे की दिशा तय होने की उम्मीद है। सतीश मोरे/11मई ---