ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर बौखलाया पाकिस्तान इस्लामाबाद,(ईएमएस)। पाकिस्तान की सेना एक बार फिर भारत के खिलाफ अपनी पुरानी और खोखली बयानबाजी के सहारे अपनी कथित ‘जीत’ का ढोल पीट रही है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर ने भारत को गीदड़भभकी देते हुए कहा है कि अगर भविष्य में कोई सैन्य कार्रवाई हुई, तो उसके ‘दूरगामी और दर्दनाक परिणाम’ होंगे। मुनीर का यह बयान भारत के ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने के मौके पर आया है, जिससे यह स्पष्ट है कि वह पिछले साल ब्रह्मोस मिसाइलों के जरिए पाकिस्तानी सेना को मिली करारी शिकस्त के जख्मों को अब तक भुला नहीं पाए हैं। रावलपिंडी स्थित जनरल मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आसिम मुनीर ने पिछले साल मई में हुए संघर्ष को पाकिस्तान की जीत बताने की हास्यास्पद कोशिश की। असल में, यह पूरी कवायद अपनी गिरती साख और इज्जत बचाने की एक नाकाम कोशिश मात्र है। पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इस अभियान के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर बेहद सटीक हमले किए थे। इन हमलों में विशेष रूप से ब्रह्मोस मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था, जिन्होंने पाकिस्तान के कई महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को धुआं-धुआं कर दिया था। इस कार्रवाई ने पाकिस्तानी रक्षा पंक्ति की पोल खोलकर रख दी थी और उनकी सैन्य क्षमता को गहरा झटका दिया था। अपनी जनता को गुमराह करने की कोशिश जमीनी सच्चाई से मुंह मोड़ते हुए मुनीर ने अपने भाषण में कहा कि पाकिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि भविष्य में किसी भी भारतीय कदम का ‘कड़ा जवाब’ दिया जाएगा। जानकारों का मानना है कि इस तरह के उग्र बयान केवल पाकिस्तान की बदहाल जनता का ध्यान भटकाने और सेना का मनोबल ऊंचा दिखाने के लिए दिए जा रहे हैं। मुनीर ने एक बार फिर कश्मीर राग अलापते हुए कहा कि पाकिस्तान की कहानी कश्मीर के बिना अधूरी है। उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर राजनीतिक और कूटनीतिक समर्थन जारी रखने की रटी-रटाई बात दोहराई। कुल मिलाकर, पाकिस्तान का यह रुख उसकी हताशा को दर्शाता है, क्योंकि वह सैन्य और आर्थिक मोर्चे पर पूरी तरह घिर चुका है। वीरेंद्र/ईएमएस/11मई 2026