राष्ट्रीय
11-May-2026


गुजरात के सूरत–भरूच राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ सफल परीक्षण नई दिल्ली,(ईएमएस)। दिल्ली और आसपास के लोगों को अब टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम जल्द ही निजात मिलने वाली है। केंद्र की मोदी सरकार ने सोमवार को दिल्ली में एक नए और हाईटेक बैरियर-लेस टोल सिस्टम की शुरुआत कर दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंडका–बक्करवाला टोल प्लाजा से इस मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम का शुभारंभ किया। शुरु की गई इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि टोल प्लाजा पर कोई बैरियर नहीं होगा, इससे गाड़ियों को टोल देने के लिए रुकना या गति धीमी करनी नहीं पड़ेगी। वाहन सामान्य रफ्तार से चलते हुए सीधे निकल जाएंगे और टोल अपने आप कट जाएगा। इसके लिए हाईवे पर विशेष ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) कैमरे, सेंसर और फास्टटैग तकनीक का इस्तेमाल होगा। जैसे ही कोई गाड़ी टोल पॉइंट से गुजरेगी, कैमरा उसकी नंबर प्लेट और फास्टटैग को स्कैन कर तुरंत टोल की रकम खाते से काट लेगा। केंद्र सरकार का दावा है कि यह तकनीक 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही गाड़ियों को भी आसानी से पहचान सकती है। इस आधुनिक सिस्टम से सबसे ज्यादा फायदा आम लोगों को मिलेगा, क्योंकि इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारें खत्म हो जाएंगी, जिससे सफर तेज और आसान होगा। यह पर्यावरण के लिए भी बेहतर होगा क्योंकि इससे प्रदूषण कम होगा। दिल्ली में लागू होने से पहले, इस तकनीक का सफल परीक्षण गुजरात के सूरत–भरूच राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ था। मोदी सरकार की योजना है कि वर्ष 2026 के अंत तक देश के अधिकतर राष्ट्रीय राजमार्गों पर इस पूरी तरह डिजिटल और बैरियर-फ्री सिस्टम को लागू किया जाए, जिससे पूरे देश में सड़क यात्रा का अनुभव बदल जाएगा। आशीष दुबे / 11 मई 2026