- देश पर आया संकट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाकामी और लापरवाही का परिणाम, देश चलाने में ‘कॉम्प्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री’ पूरी तरह विफल - जब दुनिया के अन्य देश संभावित संकट की तैयारी में जुटे थे, तब मोदी सरकार चुनाव, विज्ञापन और सांप्रदायिकता फैलाने में व्यस्त थी मुंबई, (ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की जनता को पेट्रोल-डीजल, सोना खरीदने, खाद के उपयोग और खाद्य तेल के इस्तेमाल पर उपदेश देना इस बात का प्रमाण है कि देश चलाने में ‘कॉम्प्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री’ पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। जनता को त्याग करने की नसीहत देने वाले मोदी और उनके सहयोगी स्वयं करोड़ों रुपये की फिजूलखर्ची कर रहे हैं। सारा त्याग क्या सिर्फ जनता ही करेगी और नरेंद्र मोदी केवल कैमरों के सामने भाषण देते रहेंगे? यह सवाल उठाते हुए कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि अब 140 करोड़ जनता की भावना यही है कि “प्रचारमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रहित में स्वयं त्याग करें और वानप्रस्थ आश्रम की ओर प्रस्थान करें।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आगे कहा कि जब दुनिया के अन्य देश संभावित संकट को लेकर योजना और तैयारी कर रहे थे, तब प्रचारमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी केवल चुनाव, विज्ञापन, सांप्रदायिकता और नफरत की राजनीति में डूबी हुई थी। नरेंद्र मोदी की लापरवाही, अहंकारी और मनमानी कार्यशैली की भारी कीमत देश की जनता को चुकानी पड़ रही है। देश में ईंधन और एलपीजी गैस की भारी कमी पैदा हो गई है, महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है, सोना-चांदी आम जनता की पहुंच से बाहर हो चुका है। अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल विज्ञापनबाजी, फोटोशूट और इवेंटबाजी में व्यस्त हैं। चुनाव जीतने के लिए देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया और अब जनता को ही उपदेश दे रहे हैं, जबकि स्वयं 40-50 गाड़ियों के काफिले के साथ घूम रहे हैं। देश के पास दूरदृष्टि वाला नेतृत्व न हो तो इससे अलग कुछ नहीं हो सकता, ऐसा हर्षवर्धन सपकाल ने कहा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मार्च महीने में ही देश के सामने आने वाले संभावित खतरे को लेकर चेतावनी दी थी, लेकिन सत्ता के अहंकार में डूबी नरेंद्र मोदी सरकार ने उसे नजरअंदाज कर देश को संकट की खाई में धकेल दिया। कोविड काल में जब लोग ऑक्सीजन की कमी से मर रहे थे, तब यही महाशय ताली-थाली बजाने का आह्वान कर रहे थे। नोटबंदी, जीएसटी और कोविड संकट के बाद देश आज सबसे बड़े संकट का सामना कर रहा है और इसके लिए पूरी तरह नरेंद्र मोदी सरकार जिम्मेदार है, ऐसा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा। संतोष झा- ११ मई/२०२६/ईएमएस