क्षेत्रीय
12-May-2026
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गरियाबंद (ईएमएस)। जिले के माडागांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में एक संवेदनशील मामला सामने आया है। फुलिमुड़ा गांव की रहने वाली महिला खुशबू ने अपनी नवजात बच्ची को पिता का नाम और वैधानिक पहचान दिलाने की मांग को लेकर प्रशासन से गुहार लगाई है। महिला ने आवेदन में आरोप लगाया है कि बेटी के जन्म के बाद उसके पति ने बच्ची को अपनाने से इनकार कर दिया है। इतना ही नहीं, पति जन्म प्रमाण पत्र बनवाने को भी तैयार नहीं है और तलाक देने की धमकी दे रहा है। महिला का कहना है कि बच्ची के जन्म के बाद से अब तक उसका पति उसे देखने तक नहीं आया। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है और शिकायत छत्तीसगढ़ पुलिस तक पहुंचाई गई है। फिलहाल देवभोग थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जानकारी के मुताबिक, खुशबू की शादी नवंबर 2025 में देवभोग में रेस्टोरेंट संचालित करने वाले ईश्वर कश्यप से हुई थी। बताया जा रहा है कि यह दोनों की दूसरी शादी थी। ईश्वर पहले से शादीशुदा है और उसकी पहली पत्नी से दो बेटियां हैं। पहली पत्नी देवभोग में रहती है, जबकि खुशबू फिलहाल ईश्वर के माता-पिता के साथ उसके पैतृक गांव में रह रही है। महिला का आरोप है कि पति ने उसका मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया है और उससे किसी तरह का संपर्क नहीं रख रहा है। मामले में नया मोड़ तब आया जब ईश्वर कश्यप ने खुशबू के अतीत को लेकर कुछ गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना है कि वर्ष 2017 में खुशबू ने अपने जीजा के साथ कथित तौर पर कॉन्ट्रैक्ट मैरिज की थी, जो बाद में विवाद के कारण टूट गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच लिखित शर्तों के आधार पर दोबारा समझौता हुआ था। अब यह मामला बच्ची की वैधानिक पहचान और पिता के नाम को लेकर चर्चा में है। पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर दस्तावेजों की जांच कर रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - (ईएमएस) 12 मई 2026