अंतर्राष्ट्रीय
12-May-2026


-कर्मचारी टीम में काम नहीं करते, बल्कि टीम के साथ काम करते हैं वेलिंगटन,(ईएमएस)। न्यूजीलैंड में रहने वाली एक भारतीय महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला ने बताया कि न्यूजीलैंड में जॉब करने के बाद असली वर्क-लाइफ बैलेंस समझ आता है। वहां काम से ज्यादा परिवार को प्राथमिकता दी जाती है। इंस्टाग्राम पर ज्योति सहरावत नाम की महिला ने एक वीडियो शेयर किया। वह कहती हैं कि न्यूजीलैंड की सबसे अच्छी बात है। अगर यहां आपके पास नौकरी है, चाहे फुल टाइम हो या पार्ट टाइम, तो यहां काम शुरू करने के बाद आपको असली वर्क-लाइफ बैलेंस समझ आता है। क्योंकि यहां काम पहले नहीं, परिवार पहले आता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक महिला ने बताया कि वहां कर्मचारियों पर तय समय से ज्यादा काम करने का दबाव नहीं बनाया जाता। अगर किसी डेडलाइन को पूरा करने में दिक्कत हो रही हो तो कर्मचारियों से विनम्र तरीके से पूछा जाता है कि उन्हें एक्सटेंशन चाहिए या मदद। वीडियो में बताया गया है कि वहां टीमवर्क का तरीका अलग है उनके मुताबिक वहां लोग यह नहीं कहते कि ये तुम्हारा काम है, खुद संभालो’, बल्कि कहा जाता है, ‘अगर मदद चाहिए तो बताइए। उन्होंने कहा कि यहां हम टीम में काम नहीं करते, बल्कि टीम के साथ काम करते हैं। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर लोगों की खूब प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कई यूजर्स ने न्यूजीलैंड की वर्क कल्चर की तारीफ की। एक यूजर ने लिखा कि यही एक हेल्दी वर्कप्लेस की पहचान है। दूसरे ने कहा कि वर्क-लाइफ बैलेंस ही असली लग्जरी है। कई लोगों ने यह भी कहा कि ऐसी ऑफिस कल्चर कर्मचारियों को तनाव और बर्नआउट से बचाने में मदद करती है। वहीं कुछ यूजर्स का मानना था कि कर्मचारियों को सम्मान देने से उनकी प्रोडक्टिविटी भी बढ़ती है। सिराज/ईएमएस 12मई26