अंतर्राष्ट्रीय
12-May-2026


-दूसरे विश्व युद्ध में ऐसे डमी टैंको से दुश्मन की सेना को दिया जाता था धोखा तेल अवीव,(ईएमएस)। हिजबुल्लाह के ड्रोन हमलों से बचने के लिए इजराइल ने सैनिकों के पुतले तैयार किए हैं। हिजबुल्लाह की तरफ से विस्फोटक ड्रोन के खतरे से निपटने के लिए आईडीएफ ने इस पुराने तरीकों का इस्तेमाल किया है। दूसरे विश्व युद्ध के समय भी ऐसे डमी टैंको से दुश्मन की सेना को धोखा दिया जाता था। हाल के दिनों में आईडीएफ सैनिकों द्वारा लेबनान के एक घर के अंदर ली गई एक तस्वीर सोशल मीडिया पर अपलोड की गई। इस तस्वीर में एक गुड़िया दिखाई दे रही थी। यह तस्वीर लेबनान और समेत अरब के सोशल मीडिया नेटवर्क पर फैल गई। कई अकाउंट्स ने इसे उस इलाके में इजराइली मौजूदगी के सबूत के तौर पर शेयर किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक येरुसलम और अन्य रिपोर्ट्स में उल्लेख है कि हिजबुल्लाह के एफपीवी ड्रोन इजराइली सैनिकों और आयरन डोम जैसे सिस्टम पर हमले कर रहे हैं। मार्च 2026 में हिजबुल्लाह ने गोलान हाइट्स में इजराइली एयर डिफेंस आउटपोस्ट पर मल्टी-ड्रोन हमला किया था। मई 2026 में आयरन डोम बैटरी पर दो एफपीवी ड्रोन हमलों की रिपोर्ट आई। हिजबुल्लाह ने दावा किया था कि उसने इसमें रखरखाव दल को भी निशाना बनाया है। इसकी इन हमलों में हिजबुल्लाह ने वीडियो जारी कर अपनी क्षमताओं के बारे में बताया था। रखरखाव दल की और से किये गए हमले की पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हिजबुल्लाह के ड्रोन हमलों के बारे रिपोर्ट्स छपी है। इस संघर्ष में हिजबुल्लाह ने हजारों रॉकेट और ड्रोन दागे, जिससे इजराइल के उत्तरी क्षेत्र में नागरिकों और सैनिकों की मौत हुई। इजराइल ने सितंबर 2024 में बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए। हिजबुल्लाह के नेता हसन नसरल्लाह को मार गिराया गया और अक्टूबर 2024 में लेबनान में जमीनी अभियान चलाया। युद्ध नवंबर 2024 में अमेरिका की मध्यस्थता से युद्धविराम पर समाप्त हुआ, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव जारी रहा। सिराज/ईएमएस 12मई26