-रिपोर्ट में खुलासा, यूएई ने ईरानी तेल रिफाइनरी पर किया था हमला दुबई,(ईएमएस)। ईरान के खिलाफ युद्ध में संयुक्त अरब अमीरत ने अमेरिका-इजराइल की सैन्य मदद की है। यूएई ने ईरान पर सैन्य हमले किए। ये तब किया गया, जब ईरान पर अमेरिका और इजराइल हमले कर रहे थे। हालांकि यूएई ने अभी तक सार्वजनिक रूप से ईरान पर हमले करने की बात स्वीकार नहीं की है। यूएई ने अप्रैल में लावान द्वीप पर ईरान की तेल रिफाइनरी पर हमला किया था। यह अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले से परिचित अफसरों के हवाले बताया गया है कि यूएई ने ईरान पर सैन्य हमले किए। इस रिपोर्ट से यूएई और ईरान के बीच तनाव और ज्यादा बढ़ सकता है। यह रिपोर्ट ईरान के उन आरोपों को ताकत देती है, जिनमें बार-बार कहा गया है कि यूएई की जमीन का इस्तेमाल उसके खिलाफ हो रहा है। ईरान ने यूएई को इजराइल का प्रॉक्सी कहा है। यूएई ने 8 अप्रैल को ईरान के लावन द्वीप स्थित रिफाइनरी पर एक गुप्त हमला किया था, जिससे उस जगह को भारी नुकसान पहुंचा। ईरान ने इसे दुश्मन का हमला बताया, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ। इसके बाद ईरान ने यूएई पर जवाबी हमले भी किए थे। रिपोर्ट के मुताबिक यूएई के ईरान पर सैन्य हमलों का खुलासा होने से वह युद्ध में अमेरिका और इजराइल गठबंधन के साथ शामिल होने वाला एकमात्र देश बन गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उस समय ईरान ने स्वीकार किया था कि किसी अज्ञात दुश्मन ने उसकी जमीन पर हमला किया है। इस हमले के बाद ईरान ने यूएई और कुवैत पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए थे। इससे पता चलता है कि ईरान के अफसरों को पता था कि यूएई से उसको निशाना बनाया जा रहा है। लावान द्वीप पर हुआ यह हमला एकमात्र ऐसा विशिष्ट उदाहरण है, जिससे पता चलता है कि यूएई ने युद्ध में सक्रिय रूप से भाग लिया था। एक सूत्रों ने वॉल स्ट्रीट जनरल को बताया कि अमेरिका ने युद्ध में यूएई की भागीदारी का सकारात्मक रूप से स्वागत किया क्योंकि खाड़ी के बाकी देशों ने इस संघर्ष में सक्रिय रूप से शामिल होने से इनकार कर दिया था। यूएई के विदेश मंत्रालय और पेंटागन ने इस रिपोर्ट पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। ईरान ने लगातार यह कहा है कि यूएई की जमीन का इस्तेमाल उसके खिलाफ हो रहा है। सिराज/ईएमएस 12मई26