इन्दौर (ईएमएस) बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत खारिज कराने को लेकर मेघालय सरकार द्वारा दायर याचिका पर मेघालय हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को निचली अदालत से मिली जमानत को चुनौती देते हुए उसे रद्द करने की अपील की है। हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद अगली तारीख 18 मई नियत की है। बता दें कि इंदौर निवासी कारोबारी राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम के साथ हनीमून मनाने मेघालय मई 2025 में गए थे। इस दौरान चेरापूंजी (सोहरा) से राजा रघुवंशी लापता हो गया था और 2 जून को उसका शव एक गहरी खाई से बरामद किया गया। मेघालय पुलिस की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ था कि सोनम ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा और सुपारी हत्यारों के साथ मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी। जिसके बाद हत्या की मुख्य सोनम रघुवंशी को उसके सहयोगियों के साथ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन सोनम रघुवंशी को 27 अप्रैल, 2026 को शिलांग की एक स्थानीय अदालत ने प्रक्रियात्मक चूक (Procedural Lapse) के आधार पर जमानत दे दी थी। कोर्ट ने पाया था कि: • पुलिस ने गिरफ्तारी के समय सोनम को उसकी गिरफ्तारी के ठोस आधार प्रभावी ढंग से नहीं बताए थे। • दस्तावेजों में लिपिकीय त्रुटि (Clerical Error) के कारण हत्या की सही धारा (BNS की धारा 103) के बजाय एक गैर-मौजूद धारा दर्ज हो गई थी। सोनम की इस जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार और पुलिस विभाग ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर इन चूकों को मामूली बताते हुए दलील दी कि यह एक जघन्य अपराध (Heinous Crime) है और तकनीकी आधार पर मुख्य आरोपी को राहत देना न्याय के हित में नहीं है। सरकार का मानना है कि आरोपी के बाहर रहने से गवाहों को खतरा हो सकता है। जिसके बाद कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख 18 मई नियत की। अब पूरे देश की नजर 18 मई को होने वाली सुनवाई पर है, जहाँ यह तय होगा कि सोनम रघुवंशी को वापस सलाखों के पीछे भेजा जाएगा या उसकी जमानत जारी रहेगी। आनंद पुरोहित/ 12 मई 2026