राष्ट्रीय
13-May-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। लंबे समय तक बैठकर काम करना, फास्ट फूड का अधिक सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या को तेजी से बढ़ा रही है। यदि समय रहते खानपान और दिनचर्या में सुधार नहीं किया गया, तो आगे चलकर यह दिल की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक कोलेस्ट्रॉल बढ़ना केवल अधिक तेल या फैट खाने पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करता है कि व्यक्ति किस प्रकार का फैट अपने भोजन में शामिल कर रहा है। शरीर को कुछ हेल्दी फैट्स की आवश्यकता होती है, जो अच्छे कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल को बढ़ाने और खराब कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल को कम करने में मदद करते हैं। इसी कारण आहार में एवोकाडो, अखरोट, बादाम और ऑलिव ऑयल जैसे विकल्पों को शामिल करने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि आज की व्यस्त जीवनशैली में अधिकांश लोग घंटों तक कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं, जिससे शरीर की सक्रियता कम हो जाती है। लगातार बैठे रहने से शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों के अनुसार हर व्यक्ति को कम से कम एक घंटे में पांच मिनट जरूर टहलना चाहिए, ताकि रक्त संचार बेहतर बना रहे और शरीर सक्रिय रहे। विशेषज्ञों ने बताया कि खानपान में छोटे-छोटे बदलाव करके भी कोलेस्ट्रॉल को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। रिफाइंड ऑयल की जगह सरसों का तेल, नारियल तेल और देसी घी का सीमित मात्रा में उपयोग अधिक लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा रात में अलसी का पाउडर लेना और सुबह भीगी हुई लहसुन की 3 से 4 कलियों का सेवन करना भी फायदेमंद बताया गया है। जिन लोगों को गैस की समस्या रहती है, वे भोजन के बाद लहसुन खा सकते हैं। आयुर्वेद में मेथी दाना, दालचीनी और अर्जुन की छाल का काढ़ा भी कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण के लिए उपयोगी माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार रात का भोजन हल्का और पौष्टिक होना चाहिए, क्योंकि डिनर का असर सीधे पाचन तंत्र और मेटाबॉलिज्म पर पड़ता है। ओट्स, दलिया, पालक, लौकी, तोरई और दूसरी हरी सब्जियां खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करती हैं। वहीं खीरा, टमाटर और गाजर जैसे सलाद पाचन को बेहतर बनाते हैं। रात में मूंग दाल, मसूर दाल, पनीर, टोफू, उबले चने और स्प्राउट्स जैसे हल्के प्रोटीन युक्त भोजन को बेहतर विकल्प माना जाता है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि तला-भुना खाना, फास्ट फूड, अधिक नमक और चीनी, रेड मीट तथा प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को तेजी से बढ़ा सकता है। इसलिए स्वस्थ हृदय और बेहतर जीवन के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है। बता दें कि बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और अनियमित खानपान का असर अब लोगों की सेहत पर तेजी से दिखाई देने लगा है। पहले हाई कोलेस्ट्रॉल को बढ़ती उम्र की समस्या माना जाता था, लेकिन अब कम उम्र के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। सुदामा/ईएमएस 13 मई 2026