- अस्पतालों में आपदा प्रबंधन की मॉकड्रिल की गई जबलपुर (ईएमएस)। जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर नवीन कोठारी के नेतृत्व में जबलपुर के सभी सरकारी एवं प्राइवेट हॉस्पिटल्स मे 4 मई से 10 मई तक अग्नि सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया गया। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार आयोजित इस सप्ताह भर के कार्यक्रम का उद्देश्य संस्थान में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करना था। ऑडिट और मॉक ड्रिल ............. कार्यक्रम की शुरुआत 4 मई को अग्नि सुरक्षा शपथ के साथ हुई, जिसमें सभी अस्पताल प्रभारी, वरिष्ठ अधिकारी एवं स्टाफ शामिल रहे। जिला चिकित्सालय एवम एल्गिन अस्पताल में जिला अग्निशमन विभाग के सहयोग से फायर मॉक ड्रिल कर आपातकालीन निकासी का अभ्यास कराया गया। इसके बाद आईसीयू, एनआईसीयू और ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के लिए मॉकड्रिल आयोजित किया गया। जबलपुर के सभी अस्पताल- जिला चिकित्सालय विक्टोरिया, सिविल अस्पताल एल्गिन, राँझी, पाटन, सिहोरा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनमोहन नगर, शहपुरा एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं समस्त प्राइवेट हॉस्पिटलों मे फायर सुरक्षा अग्निशमक यंत्र अभ्यास, अग्नि सुरक्षा ऑडिट और जागरूकता सत्र हुए । फायर सेफ्टी वीक 2026 के अवसर पर, आरएसीई सिद्धांत को समझाया है, आग से बचाने में कारगर है आरएसीई (बचाव) आग का पता चलते ही आपकी पहली प्राथमिकता अपनी और दूसरों की जान बचाना होनी चाहिए। अगर आप सुरक्षित हो, तो तुरंत उन लोगों की सहायता करें जो आग में फंसे हैं। धुएं से बचने के लिए जमीन के करीब रहें (रेंगकर चलें), क्योंकि ताजी हवा नीचे की ओर होती है। इस दौरान लिफ्ट का प्रयोग बिल्कुल न करें; हमेशा सीढ़ियों का चुनाव करें। A - Alarm (अलार्म) एक बार जब आप सुरक्षित महसूस करें या बचाव की प्रक्रिया शुरू कर दें, तो दूसरों को सचेत करें। नजदीकी Fire Alarm को दबाएं ताकि मदद के लिए टीम आ पाए। साथ ही आसपास के लोगों को अलर्ट करने के लिए जोर से चिल्लाकर आग-आग (Fire!) कहें ताकि आसपास के लोग सतर्क हो जाएं। आप तुरंत फायर ब्रिगेड या आपातकालीन नंबर पर कॉल करें और घटनास्थल की सटीक जानकारी दें। C - Confine (सीमित करना) आग और धुएं को तेजी से फैलने से रोकने के लिए उसे एक क्षेत्र में सीमित करना आवश्यक है। कमरे से बाहर निकलते समय दरवाजे और खिड़कियों को बंद कर दें। यह आग को मिलने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति को कम करता है और धुएं को दूसरे कमरों में जाने से रोकता है। ध्यान रहे, दरवाजों को ताला से लॉक न करें ताकि बचाव दल आसानी से अंदर जा सके। E - Extinguish / Evacuate (आग बुझाना या बाहर निकलना) यह अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण निर्णय है। अगर आप इस काम की ट्रेनिंग लिए हैं तभी करें। • Extinguish: यदि आग बहुत छोटी है और आपके पास सही अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher) है, तो उसे बुझाने का प्रयास करें। • Evacuate: यदि आग बड़ी है, तेजी से फैल रही है, या आपके पास संसाधन नहीं हैं, तो तुरंत वहां से बाहर निकल जाएं। अपनी जान जोखिम में डालकर हीरो बनने की कोशिश न करें। स्टाफ में बढ़ी जागरूकता: इस पूरे कार्यक्रम से कर्मचारियों और छात्रों में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है और आपदा से निपटने की क्षमता में सुधार हुआ है। कर्मचारियों द्वारा अग्नि सुरक्षा को अपनी आदत बनाने एवं सतर्कता ही सुरक्षा के लिए जागरूकता की गई। सुनील साहू / मोनिका / 13 मई 2026/ 03.54