- दोनों इंजन खराब थे फिर भी चलाया जा रहा था क्रूज जबलपुर (ईएमएस)। गत 30 अप्रैल को बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे के बाद अब एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है जिसमें पर्यटन विभाग के कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए और अब तक किए तमाम दावों की पोल खोल दी है। विभाग के अंदर एक गोपनीय पत्र सामने आया है| जिसके बाद हड़कंप मच गया| इस पत्र को सच माना जाए तो क्रूज दुर्घटना पर्यटन विभाग की लापरवाही का जीता जागता उदाहरण है| इस मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए चालक महेश पटेल का वह बयान सच साबित हुआ है जिसमें उसने तकनीकी खराबी की बात कही थी। दरअसल मैकल सुता रिसोर्ट के प्रबंधक ने क्षेत्रीय कार्यालय को पहले ही खतरे से आगाह कर दिया था। पत्रों के माध्यम से स्पष्ट रूप से बताया गया था कि क्रूज के इंजन पूरी तरह कंडम हो चुके हैं, और क्रूज में लगे इंजन सन 2006-07 के है लिहाजा उनकी निर्धारित उम्र पूरी हो चुकी थी और सालों से खराब इंजन से क्रूज चलाया जा रहा था और पर्यटकों की जिंदगी दांव पर लगा दी| विभाग ने यह पत्र 1 मार्च 2026 को क्षेत्रीय कार्यालय को भेजा था। पत्राचार में साफ लिखा था कि इंजनों की कार्यक्षमता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और ये किसी भी वक्त बीच पानी में बंद होकर बड़ा खतरा पैदा कर सकते हैं। सुधरने लायक नहीं थे इंजन..... तकनीकी विशेषज्ञों की जांच में यह तथ्य भी सामने आया था कि रेवा क्रूज को 14 जनवरी 2025 से ही संचालन से बाहर कर दिया गया था क्योंकि वह सुधारने लायक नहीं बची थी। उसके इंजन इतने पुराने थे कि अब बाजार में उनके स्पेयर पार्ट्स मिलना भी बंद हो गए थे। ऐसी स्थिति में इंजनों को बदलना ही एकमात्र विकल्प था। इसके बाद भी विभाग ने मैकल सुता क्रूज संचालन में भारी कोताही बरती। धक्का परेड की स्थिति भी बनी .......... क्रूज के इंजन खराब होने से कई बार क्रूज को किनारे लगाने और पानी में चलाने के दौरान कई मर्तबा स्टॉप बोट का सहारा लेना पड़ा| एक इंजन अक्सर चालू नहीं होता था| मैकल सुता रिसोर्ट के प्रबंधक ने पत्र क्रमांक 45, 108 और 169 के जरिए जबलपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय को बार-बार स्थिति से अवगत कराया था। इन पत्रों में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि इंजनों की मरम्मत अब संभव नहीं है और इन्हें तुरंत बदलना जरूरी है। आश्चर्य की बात यह है कि इन गंभीर चेतावनियों के बाद भी जबलपुर में बैठे अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज किया और क्रूज का संचालन बदस्तूर जारी रहा, जिसके परिणामस्वरुप इतना बड़ा हादसा सामने आया। ईएमएस / 13 मई 2026