अंतर्राष्ट्रीय
14-May-2026
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वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ओवल ऑफिस इवेंट में ट्रंप डिरेंजमेंट सिंड्रोम (टीडीएस) का जिक्र किया, इस उन्होंने एक वास्तविक बीमारी बताया और अपने लिए एक सम्मान कहा। इसके तुरंत बाद, व्हाइट हाउस ने इस सिंड्रोम से पीड़ित लोगों के लिए एक विनोदी इलाज सूची साझा की, जिसमें राष्ट्रपति पर भरोसा रखना और राष्ट्रगान सुनना जैसे सुझाव शामिल थे। यह मामला तब और भी वायरल हो गया जब एक डॉक्टर के पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) की तस्वीर इंटरनेट पर छा गई, जिसमें टीडीएस के इलाज के रूप में ट्रंप पर विश्वास रखने, राष्ट्रगान सुनने, झूठी खबरों से बचने और घबराने से दूर रहने की सलाह दी गई थी। देखते ही देखते, यह अनोखा प्रिस्क्रिप्शन सोशल मीडिया पर छा गया और लोग मज़े लेकर इस अपने-अपने मज़ाकिया अंदाज में बदलकर साझा करने लगे। इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर अनगिनत प्रतिक्रियाएं आईं। जहां कुछ यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में लेकर अपने-अपने वर्जन साझा किए, वहीं कुछ ने गंभीरता से लिया और सरकार को बढ़ती महंगाई व आम आदमी की मुश्किलों पर ध्यान देने की सलाह दी। एक एक्स यूजर ने तीखी टिप्पणी करते हुए लिखा कि मीम्स बनाने के बजाय सरकार को पेट्रोल की कीमतें और घरेलू खर्चों पर ध्यान देना चाहिए, यह दावा करते हुए कि अमेरिकी जनता अब जाग चुकी है और नवंबर में उन्हें हकीकत का सामना करना पड़ेगा। इसके विपरीत, एक अन्य यूजर ने ट्रंप को चलते-फिरते कॉमेडी शो बताकर कहा कि डेमोक्रेट्स और उदारवादी यह समझ ही नहीं पा रहे कि वे असल में कितने मज़ेदार हैं। यह समझना महत्वपूर्ण है कि ट्रंप डिरेंजमेंट सिंड्रोम वास्तव में कोई चिकित्सकीय बीमारी नहीं है। यह शब्द मूल रूप से ट्रंप समर्थक मीडिया द्वारा गढ़ा गया था ताकि उन लोगों का मज़ाक उड़ाया जा सके जो डोनाल्ड ट्रंप या उनकी नीतियों का अत्यधिक विरोध करते हैं। हालांकि, इस पर विवाद तब गहरा गया जब साल 2025 में मिनेसोटा के रिपब्लिकन नेताओं ने एक बिल पेश करने का प्रयास किया, जिसमें टीडीएस को एक वास्तविक मानसिक बीमारी के रूप में परिभाषित करने की कोशिश की गई थी। आशीष/ईएमएस 14 मई 2026