14-May-2026
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यूएई ने दावे को किया सिरे से खारिज, पूरे क्षेत्र में सस्पेंस और तनाव बढ़ा तेलअवीव,(ईएमएस)। पश्चिम एशिया की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के एक दावे ने पूरे क्षेत्र में सस्पेंस और तनाव बढ़ा दिया है। नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान युद्ध के दौरान उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात का ‘सीक्रेट दौरा’ किया था और वहां राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान से मुलाकात की थी। हालांकि यूएई ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। नेतन्याहू के दफ्तर के मुताबिक 26 मार्च को ओमान सीमा के पास अल ऐन शहर में दोनों नेताओं के बीच घंटों बातचीत हुई थी। इसे इजराइल-यूएई संबंधों में ‘ऐतिहासिक सफलता’ बताया गया, लेकिन यूएई के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर साफ कहा कि उनके और इजराइल के रिश्ते पहले से सार्वजनिक हैं और किसी ‘गुप्त बैठक’ का दावा बेबुनियाद है। दरअसल, इस पूरे घटनाक्रम की जड़ें 2020 में हुए अब्राहम अकॉर्ड्स से जुड़ी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के पहले कार्यकाल में हुए इस समझौते ने पहली बार यूएई और इजराइल के बीच औपचारिक संबंध स्थापित किए थे। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के साथ 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद इस रिश्ते को और मजबूती मिली है। अमेरिका के इजराइल में राजदूत माइक हकाबी ने खुलासा किया कि इजराइल ने यूएई की सुरक्षा के लिए अपना आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम और सैन्य विशेषज्ञ तैनात किए थे यानी यूएई ने ईरान के हमले से बचाया। इससे साफ है कि दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग अब खुलकर सामने आने लगा है। हालांकि इन दावों को यूएई ने इनकार किया है। संभव है कि ईरान के बढ़ते खतरे को देखते हुए यूएई खुलकर सामने आने से बच रहा है, ताकि वह सीधे निशाने पर न आ जाए। पहले भी ऐसा हुआ है कि यूएई पर ईरान अचानक मिसाइल और ड्रोन हमला करने लगा। यही वजह हो सकती है कि वह इस तरह की किसी भी ‘सीक्रेट मुलाकात’ को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं कर रहा है। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी तंज कसते हुए कहा कि जो देश इजराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ साजिश कर रहे हैं, उन्हें इसका जवाब देना होगा। सिराज/ईएमएस 14मई26