क्षेत्रीय
14-May-2026
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- तुलाई के नाम पर वसूली का आरोप, किसान बोले- विरोध किया तो फसल अटक जाएगी अशोकनगर (ईएमएस)। जिले में समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं खरीदी के बीच वेयरहाउसों पर किसानों की समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। रातिखेड़ा गांव के पास स्थित श्री गिर्राजी वेयरहाउस और अमल वेयरहाउस पर किसानों ने तुलाई में गड़बड़ी और मूलभूत सुविधाओं की कमी के आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि प्रति क्विंटल 200 से 300 ग्राम तक अधिक तौल की जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। समाचार पत्र प्रतिनिधि जब दियाधरी रोड स्थित दोनों वेयरहाउसों पर पहुंचे तो वहां किसानों की लंबी-लंबी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतारें लगी हुई थीं। भीषण गर्मी के बीच किसानों के लिए न तो पर्याप्त छाया की व्यवस्था थी और न ही ठंडे पानी की सुविधा। कई किसान अपनी ट्रॉलियों के नीचे बैठकर धूप से बचने का प्रयास करते नजर आए, वहीं कुछ किसान छोटे पेड़ों की छांव में बैठकर भोजन करते दिखाई दिए। किसानों ने बताया कि वेयरहाउसों पर गेहूं की बोरियों का वजन 50 किलो 600 ग्राम तक तौला जा रहा है। हमाल ने बताया कि पहले 50 किलो 700 ग्राम तक अतिरिक्त तौल की जाती थी, जबकि पिछले दो दिनों से 600 ग्राम अतिरिक्त वजन लिया जा रहा है। श्री गिर्राजी वेयरहाउस पर पानी के लिए टैंकर रखा गया था, लेकिन खुले में खड़े रहने के कारण पानी अत्यधिक गर्म था। किसानों ने कहा कि इस भीषण गर्मी में गर्म पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं अमल वेयरहाउस पर एक छोटा ड्रम रखा गया था, जिसमें ठंडा पानी तो था, लेकिन किसानों की संख्या के हिसाब से व्यवस्था बेहद कम थी। किसानों का कहना है कि खरीदी केंद्रों पर व्यवस्थाओं की भारी कमी है। कई किसान सुबह से लेकर देर शाम तक अपनी बारी का इंतजार करते रहते हैं, लेकिन उनके बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। धूप से बचाव के लिए टेंट या शेड नहीं लगाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ किसानों से तुलाई के नाम पर पैसे लिए जाने की भी शिकायतें सामने आई हैं। हालांकि किसान खुलकर कुछ बोलने से बच रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि वे विरोध करेंगे तो उनकी तुलाई में देरी या अन्य परेशानियां खड़ी की जा सकती हैं। इसी कारण अधिकांश किसान चुप्पी साधे हुए हैं, क्योंकि उन्हें अपनी फसल बेचनी है। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से खरीदी केंद्रों पर पारदर्शी तुलाई व्यवस्था लागू करने, अतिरिक्त वजन की जांच कराने तथा पेयजल और छाया जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि सरकार किसानों के हित की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर खरीदी केंद्रों की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। ईएमएस/ओमप्रकाश रघुवंशी/ 14 मई 2026