क्षेत्रीय
14-May-2026
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- दो दिनों से जिला चिकित्सालय में चल रहा था उपचार - गंभीर हृदय रोग से पीडि़त है मासूम बालाघाट (ईएमएस). जिले के चार माह के मासूम अयांश मसराम के लिए गुरुवार का दिन नई उम्मीद लेकर आया। गंभीर हृदय रोग से जूझ रहे इस बच्चे को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर पीएम श्री एयर एम्बुलेंस योजना के तहत एयरलिफ्ट कर मुंबई भेजा गया, जहां आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत उसका निशुल्क इलाज और सर्जरी की जाएगी। कटंगी विकासखंड के ग्राम देवरी बुजुर्ग निवासी अयांश पिता शैलेश मसराम, पिछले कई दिनों से गंभीर हृदय रोग से पीडि़त था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार के लिए बड़े शहर में इलाज कराना संभव नहीं था, लेकिन शासन की पहल और जिला प्रशासन की तत्परता ने इस मासूम के लिए उम्मीद की नई किरण जगा दी। कलेक्टर मृणाल मीणा के मार्गदर्शन में 14 मई को सुबह जिला चिकित्सालय बालाघाट से अयांश को गोंदिया जिले के बिरसी एयरपोर्ट ले जाया गया। वहां से सुबह 10 बजे एयर एम्बुलेंस के माध्यम से उसे मुंबई स्थित नारायणा हृदयालय भेजा गया, जहां उसका इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत निशुल्क किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप की मौजूदगी में बच्चे को एयरलिफ्ट किया गया। इस दौरान आरबीएसके के जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक राजाराम चक्रवर्ती भी उपस्थित रहे। बताया गया कि 8 मई को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आयोजित विशेष शिविर में अयांश की गंभीर हृदय बीमारी का पता चला था। मुंबई की शिशु हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रिया प्रधान ने जांच के बाद तत्काल सर्जरी की आवश्यकता बताई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की। पिछले दो दिनों से जिला अस्पताल के पीआईसीयू में डॉ. राहुल गेडाम और डॉ. आशुतोष बांगरे की निगरानी में बच्चे का इलाज किया जा रहा था। स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसे मुंबई रेफर किया गया। सबसे भावुक पल उस समय आया जब अयांश के परिजन एयर एम्बुलेंस में बैठे। भावुक परिजनों ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उनका बच्चा एयर एम्बुलेंस से मुंबई इलाज के लिए जाएगा। सीएमएचओ डॉ. उपलप ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। यह पूरा घटनाक्रम इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाएं जरूरतमंदों के लिए वास्तव में जीवनदायिनी साबित हो रही हैं। भानेश साकुरे / 14 मई 2026