क्षेत्रीय
14-May-2026
...


- सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हित में प्रशासन की बड़ी पहल जिला सैनिक कल्याण बोर्ड की बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय मुरैना ( ईएमएस ) | जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, मुरैना के तत्वावधान में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला सैनिक कल्याण बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने की। बैठक सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के हितों से जुड़े विषयों पर केंद्रित रही, जिसमें कई महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री धर्मराज मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुरेन्द्र पाल सिंह डाबर, भर्ती कार्यालय ग्वालियर के प्रतिनिधि मेजर इलियास, डॉ. एस.पी. सारस्वत, डॉ. विवेक राठी, अधिवक्ता श्रीमती आशा सिकरवार, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ग्रुप कैप्टन एम.आर. पांडे सहित जिले के वरिष्ठ पूर्व सैनिक मानद कप्तान दीवान सिंह चौहान एवं अन्य पूर्व सैनिक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों की समस्याओं के त्वरित और प्राथमिकता आधारित निराकरण हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कलेक्टर श्री जांगिड़ ने निर्देश दिए कि सैनिकों से संबंधित विवादों का शीघ्र एवं संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जिला हेल्पलाइन में “सैनिक” नाम से पृथक श्रेणी जोड़े जाने का निर्णय लिया गया, जिससे सैनिकों एवं उनके परिजनों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके। बैठक में जिले के प्रत्येक शहीद पार्क के सुव्यवस्थित रखरखाव हेतु तहसील स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा सैनिकों के आधार सत्यापन की प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने का भी निर्णय लिया गया। कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने लगभग डेढ़ घंटे तक धैर्यपूर्वक पूर्व सैनिकों की समस्याएं सुनीं एवं उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “सीमाओं पर तैनात सैनिक निश्चिंत होकर राष्ट्र सेवा कर सकें, यह सुनिश्चित करना प्रशासन का प्रथम दायित्व है। मुरैना जिले को सैनिक कल्याण के क्षेत्र में प्रदेश का मॉडल जिला बनाया जाएगा।” बैठक के अंत में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ग्रुप कैप्टन एम.आर. पांडे एवं वरिष्ठ पूर्व सैनिक मानद कप्तान दीवान सिंह चौहान ने कलेक्टर श्री जांगिड़ के संवेदनशील, सकारात्मक एवं निर्णायक दृष्टिकोण के लिए समस्त पूर्व सैनिक समुदाय की ओर से आभार व्यक्त किया। पूर्व सैनिकों ने इस बैठक को “अब तक की सबसे सार्थक बैठक” बताया।