क्षेत्रीय
14-May-2026
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- एनएसयूआई ने लगाया आरोप जबलपुर (ईएमएस)। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने जबलपुर में प्रेसवार्ता आयोजित कर नीट-यूजी 2026 परीक्षा में सामने आए कथित पेपर लीक प्रकरण और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली की विफलता का मुद्दा उठाया। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष सचिन रजक ने कहा कि देश के करोड़ों छात्रों का भविष्य असुरक्षित परीक्षा तंत्र की भेंट चढ़ रहा है, लेकिन केंद्र सरकार जवाबदेही तय करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि नीट जैसी राष्ट्रीय परीक्षा लाखों परिवारों के सपनों और वर्षों की मेहनत से जुड़ी होती है। बार-बार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों का आत्मविश्वास और परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर हुआ है। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि वर्ष 2015 में एआईपीएमटी परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द करनी पड़ी थी। इसके बाद 2024 में नीट-यूजी विवादों में घिरी रही और अब 2026 में भी कथित पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। संगठन के अनुसार राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में कथित पेपर लीक नेटवर्क सक्रिय होने की जानकारी मिली है। प्रेसवार्ता में कहा गया कि करीब 22 से 23 लाख छात्र इस पूरे मामले से प्रभावित हुए हैं। छात्रों पर दोबारा तैयारी, मानसिक तनाव और आर्थिक बोझ बढ़ा है। एनएसयूआई ने एनटीए पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि 2024 के बाद भी परीक्षा प्रणाली में सुधार नहीं हुआ। संगठन ने एनटीए चेयरमैन प्रदीप जोशी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रेसवार्ता में एनएसयूआई ने एनटीए को भंग करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच, प्रभावित स्टूडेंट को मुफ्त मानसिक स्वास्थ्य सहायता और निशुल्क लीगल ऐड उपलब्ध कराने की मांग की। संगठन ने कहा कि छात्रों को न्याय मिलने तक यह संघर्ष सड़क से संसद तक जारी रहेगा। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष अमित मिश्रा, प्रदेश सचिव अनुज यादव, मो एजाज, अभिनव मिश्रा, अचलनाथ चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। सुनील साहू / मोनिका / 14 मई 2026/ 06.02