छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए उच्च शिक्षा विभाग और यूजीसी का संयुक्त जागरूकता अभियान भोपाल (ईएमएस) ।फर्जी विश्वविद्यालयों और अवैध शिक्षण संस्थानों के जाल से विद्यार्थियों को बचाने के लिए मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के निर्देशों के तहत व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है। प्रदेश के सभी शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों, शासकीय/अशासकीय महाविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यूजीसी ने वर्तमान प्रवेश सत्र को देखते हुए विद्यार्थियों, अभिभावकों और शैक्षणिक संस्थानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। आयोग के अनुसार कुछ संस्थान स्वयं को विश्वविद्यालय या उच्च शिक्षण संस्थान बताकर छात्रों को आकर्षक विज्ञापनों और भ्रामक दावों के माध्यम से भ्रमित कर रहे हैं। ऐसे संस्थानों द्वारा प्रदान की गई डिग्रियां न तो उच्च शिक्षा के लिए मान्य होंगी और न ही रोजगार के लिए उपयोगी होंगी। यूजीसी की 18 मार्च की सार्वजनिक सूचना में भी स्पष्ट किया गया है कि केवल विधिक मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय एवं संस्थान ही डिग्री प्रदान कर सकते हैं तथा फर्जी संस्थानों से प्राप्त डिग्रियां किसी भी शैक्षणिक अथवा रोजगार संबंधी उद्देश्य के लिए मान्य नहीं होंगी। यूजीसी के निर्देशानुसार विद्यार्थियों को प्रवेश लेने से पहले संबंधित संस्थान की मान्यता की जांच करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। विशेष रूप से कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों को जागरूक करने पर जोर दिया गया है, जिससे उच्च शिक्षा में प्रवेश के समय वे किसी भी तरह की शैक्षणिक धोखाधड़ी का शिकार न हों। मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने इस जानकारी को सभी उच्च शिक्षण संस्थानों तक पहुंचाने के साथ व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। यह पहल विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मान्यता प्राप्त संस्थान ही दे सकते हैं डिग्री यूजीसी की 18 मार्च की सार्वजनिक सूचना के अनुसार डिग्री केवल उन्हीं विश्वविद्यालयों या संस्थानों द्वारा प्रदान की जा सकती है, जो राज्य, केंद्र या प्रांतीय अधिनियम के तहत स्थापित हों अथवा यूजीसी अधिनियम, 1956 के अनुसार अधिकृत हों। प्रवेश से पहले यह जांच जरूर करें किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता यूजीसी की आधिकारिक सूची में जांचें। केवल विज्ञापनों के आधार पर प्रवेश न लें। यदि कोई संस्थान नियमों के विपरीत शैक्षणिक कार्यक्रम चला रहा हो, तो उसकी सूचना संबंधित प्राधिकरण को दें।