राज्य
14-May-2026


हाथरस (ईएमएस)। संयुक्त उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने देश में बढ़ते साइबर अपराधों और झूठे मामलों में निर्दोष नागरिकों, छात्रों, व्यापारियों एवं उद्योगपतियों के फंसने की समस्या को लेकर प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, वित्तमंत्री, वाणिज्य मंत्री, आरबीआई गवर्नर, मुख्यमंत्री सहित अन्य उच्च अधिकारियों को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में साइबर अपराध से जुड़े मामलों में निर्दोष लोगों की वित्तीय लायबिलिटी समाप्त कर राहत प्रदान करने की मांग उठाई गई है।ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले तीन वर्षों में यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग और ऑनलाइन लेनदेन बढ़ने के साथ साइबर ठगी के मामलों में लगभग 400 प्रतिशत वृद्धि हुई है। एनसीआरबी के अनुसार वर्ष 2023-24 में 12 लाख शिकायतें दर्ज की गईं। व्यापार मंडल ने चिंता जताई कि साइबर ठगों के साथ-साथ हजारों निर्दोष, कम पढ़े-लिखे युवा, छात्र, व्यापारी और उद्योगपति भी अनजाने में इन मामलों में फंस रहे हैं।ज्ञापन में बताया गया कि म्यूल अकाउंट, केवाईसी फ्रॉड, जॉब और लोन फ्रॉड तथा ऑटो डेबिट फ्रॉड जैसे मामलों में निर्दोष लोगों के खाते इस्तेमाल हो रहे हैं और पुलिस असली अपराधियों की बजाय खाताधारकों को आरोपी बना रही है। व्यापार मंडल ने आरोप लगाया कि बैंक भी कई मामलों में ग्राहकों पर ही लापरवाही का ठीकरा फोड़ देते हैं।व्यापार मंडल ने कहा कि एक शिकायत पर पूरा बैंक खाता फ्रीज कर दिए जाने से व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो जाता है। स्टॉक, मजदूरों का वेतन, जीएसटी भुगतान और अन्य वित्तीय गतिविधियां रुक जाती हैं, जिससे एमएसएमई इकाइयों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।ज्ञापन में केंद्र सरकार और आरबीआई से मांग की गई कि यदि खाताधारक ने स्वयं धोखाधड़ी न की हो और जांच में सहयोग कर रहा हो तो उसकी वित्तीय लायबिलिटी शून्य की जाए। पहली बार अनजाने में फंसे युवाओं और छात्रों को एफआईआर से राहत देने के लिए एमनेस्टी स्कीम लागू की जाए। साथ ही विवादित राशि तक ही खाता होल्ड किया जाए और सभी बचत खातों पर एक लाख रुपये तक का मुफ्त साइबर बीमा उपलब्ध कराया जाए।उत्तर प्रदेश सरकार से प्रत्येक जिले में साइबर सहायता केंद्र स्थापित करने, साइबर मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने, पुलिस को साइबर जांच का प्रशिक्षण देने तथा व्यापारियों के लिए जागरूकता अभियान चलाने की मांग की गई है।व्यापार मंडल ने कहा कि डिजिटल इंडिया का सपना तभी साकार होगा, जब आम नागरिक डिजिटल लेनदेन को सुरक्षित महसूस करेगा। ज्ञापन में सरकार से निर्दोष लोगों को राहत देने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की गई है।ज्ञापन पर राजीव वार्ष्णेय संस्थापक, राकेश बल्लभ वशिष्ठ वरिष्ठ अधिवक्ता एवं मुख्य संरक्षक, कन्हैया वार्ष्णेय संस्थापक, राजेंद्र वार्ष्णेय जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा कृष्णा शर्मा पहलवान युवा नगर अध्यक्ष के हस्ताक्षर हैं। ईएमएस/नीरज चक्रपाणी/ 14 मई 2026