स्वाभिमान महिला बेकरी यूनिट की स्थापना कर स्थानीय महिलाओं को दे रही है रोजगार देहरादून (ईएमएस)। प्रदेश की अस्थाई राजधानी देहरादून की एक महिला उद्यमी आज प्रदेशभर की महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। विकासखंड विकासनगर की ग्राम सोरना डोभरी निवासी कल्पना बिष्ट ने अपने सपनों को नई उड़ान देते हुए स्वाभिमान महिला बेकरी यूनिट की स्थापना की। आज यह यूनिट न केवल स्थानीय महिलाओं को रोजगार दे रही है, बल्कि मिलेट्स और पारंपरिक उत्पादों के माध्यम से बाजार में अपनी अलग पहचान भी बना चुकी है। वहीं दूसरी ओर गांव की बेकरी महिलाओं की ताकत बन गई है। इस अवसर पर बताया कि कल्पना बिष्ट कई वर्षों से स्वाभिमान महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) स्वायत्त सहकारिता से जुड़ी हुई हैं। वर्ष 2024-25 में उन्होंने ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के सहयोग से लगभग 10 लाख रुपये की लागत से बेकरी यूनिट स्थापित की। इसमें रीप परियोजना से छह लाख रुपये की सहायता, सात प्रतिशत ब्याज दर पर तीन लाख रुपये का बैंक ऋण तथा एक लाख रुपये का स्वयं का अंशदान शामिल है। कल्पना बिष्ट ने बताया कि आज यह यूनिट सालाना लगभग 40 लाख रुपए का कारोबार कर रही है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही इस पहल ने स्थानीय स्तर पर नौ महिलाओं को रोजगार देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्रदान किया है। उन्होंने बताया कि पारंपरिक स्वाद को आधुनिक पहचान मिल गई है। स्वाभिमान महिला बेकरी यूनिट में मिलेट्स और स्थानीय अनाजों से कई प्रीमियम उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें मिल्क रस, गोलगप्पे, मांडवे के बिस्कुट, गुड़-मक्खन बिस्कुट, शहद से बने हनी ओट्स बिस्कुट सहित अनेक पारंपरिक उत्पाद शामिल हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्वाद और पौष्टिकता के कारण इन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। यूनिट के कई उत्पाद, जैसे मक्खन बिस्कुट, मिल्क रस और गुड़ की चॉकलेट कैंडी, “हाउस ऑफ हिमालय” में भी अपनी विशेष पहचान बना चुके हैं। कल्पना बिष्ट पहाड़ी दालों और कच्ची घानी के सरसों के तेल का व्यवसाय भी कर रही हैं। चकराता की राजमा, तुअर एवं मसूर दाल जैसे स्थानीय उत्पाद भी उनके व्यवसाय का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान स्वाभिमान महिला बेकरी यूनिट ने एनआरएलएम के माध्यम से विभिन्न राज्यों से आए खिलाडि़यों को मिलेट्स आधारित उत्पादों का स्वाद चखाया। उन्होंने बताया कि इस दौरान यूनिट ने 27 क्विंटल गुड़-मक्खन, मांडवे, झंगोरे और शहद से बने बिस्कुटों की बिक्री कर लगभग 10 लाख रुपये की आय अर्जित की। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित वसंत उत्सव में भी लोक भवन में लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से यूनिट को अच्छा लाभ प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि शुरुआत में यह यूनिट केवल प्रेमनगर, सेलाकुई, सहसपुर, हरबर्टपुर, विकासनगर, कालसी और देहरादून तक सीमित थी, लेकिन अब इसके उत्पाद उत्तरकाशी और टिहरी तक सीधे पहुंच रहे हैं। प्रत्येक सप्ताह इन जनपदों से मिल्क रस और मांडवे के बिस्कुट जैसे उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। उत्पादों की सप्लाई को सुगम बनाने के लिए स्वाभिमान महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन की सहायता से शून्य प्रतिशत ब्याज पर एक इको वैन भी खरीदी गई है, जिससे अब दूरस्थ बाजारों तक आसानी से उत्पाद पहुंचाए जा रहे हैं।कल्पना बिष्ट ने अपने फैशन डिजाइनिंग के हुनर को भी इस व्यवसाय में प्रभावी ढंग से उपयोग किया है। बेकरी उत्पादों की आकर्षक और प्रीमियम पैकेजिंग स्वयं कल्पना तैयार करती हैं, जिससे उत्पादों की प्रस्तुति ग्राहकों को काफी पसंद आ रही है। कल्पना बिष्ट ने बताया कि वर्ष 2021 में स्वाभिमान महिला समूह के उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समूह को पांच लाख रुपये की धनराशि प्रदान की थी। इस राशि का उपयोग समूह ने बेकरी यूनिट की मार्केटिंग और पैकेजिंग को मजबूत बनाने में किया। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/14 मई 2026