नई दिल्ली (ईएमएस)। खाड़ी क्षेत्र में संकट के बीच पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से लोगों से पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण करने की अपील का असर दिखने लगा है। कई राज्यों ने अपने यहां पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण पर काम शुरू कर दिया है। कई मुख्यमंत्रियों ने अपने गाड़ियों के काफिले को काफी छोटा कर दिया है। मध्य पूर्व एशिया में बने तनाव और उससे बिगड़े हालात के बीच पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से लोगों से पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण करने की अपील का असर दिखने लगा है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, त्रिपुरा और दिल्ली समेत कई राज्यों ने पेट्रोलियम पदार्थों के संरक्षण को लेकर कई फैसले लिए हैं। कई मुख्यमंत्रियों ने अपनी गाड़ियों के काफिले को काफी हद तक छोटा कर दिया है तो कई राज्यों में अपने यहां वर्क फ्रॉम होम को लागू कर दिया गया है तो मुख्यमंत्री- उपमुख्यमंत्री और मंत्री लोग साइकिल, बाइक, रिक्शा या फिर पैदल ही अपने-अपने ऑफिस जाने लगे हैं। दिल्ली ने तो अपने यहां ‘मेरा भारत मेरा योगदान’ अभियान शुरू कर दिया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने खुद मुख्यमंत्री और अपने मंत्रियों आदि की फ्लीट में तत्काल प्रभाव से 50 फीसदी की कमी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधि हफ्ते में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन, साइकिलिंग, कार पूलिंग और ईवी के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाए। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीएम की अपील के बाद पेट्रोल और डीजल बचाने से जुड़े मेरा भारत मेरा योगदान अभियान शुरू कर दिया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी हफ्ते में 2 दिन घर से काम करेंगे। साथ ही उन्होंने राजधान के हर लोगों से हफ्ते में एक दिन अपने निजी गाड़ियों का इस्तेमाल न करने की भी अपील की। दिल्ली के मंत्री परवेश वर्मा साइकिल से एनडीएमसी की बैठक में पहुंचे। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/15/ मई/2026