ट्रंप ने बताया कि शी चिनफिंग मेरी बात से सहमत बीजिंग,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी 3 दिवसीय चीन यात्रा के अंतिम चरण में ईरान को लेकर सबसे कड़ा रुख अख्तियार किया है। बीजिंग में दिए एक विशेष साक्षात्कार में ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी कि ईरान के पास अब केवल दो ही रास्ते बचे हैं, या वह परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय संघर्ष को खत्म करने के लिए समझौता करे, या फिर विनाश का सामना करने के लिए तैयार रहे। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा, और उसकी वर्तमान आर्थिक व सैन्य स्थिति को तबाह बताया। उन्होंने कहा कि ईरान अब खत्म हो चुका है, और उसके पास समझौता करने या फिर पूरी तरह से खत्म हो जाने का विकल्प है। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ ईरान मुद्दे पर चर्चा की है। उनके अनुसार, राष्ट्रपति शी भी अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होते देखना चाहते हैं और उन्होंने मदद की पेशकश भी की। ट्रंप ने दावा किया कि शी ने आश्वासन दिया है कि चीन ईरान को सैन्य उपकरण नहीं देगा, बावजूद इसके कि चीन वर्तमान में ईरान के 90 प्रतिशत तेल का सबसे बड़ा खरीदार है और तेहरान के साथ उसकी रणनीतिक साझेदारी है। ट्रंप ने चिनफिंग को मिलनसार और काम पर केंद्रित नेता बताया, जिनके साथ उनके संबंध बेहद सफल रहे हैं। उन्होंने अपने स्वागत में हुए सैन्य सम्मान समारोह को अद्भुत बताया, जिसकी तुलना हॉलीवुड के दृश्यों से की। ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई का बचाव कर ट्रंप ने उसकी सैन्य क्षमताओं पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने उन्हें बताया कि अमेरिका ईरान के खार्ग द्वीप को महज चार से पांच मिनट में पूरी तरह बर्बाद कर सकता है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना करीब खत्म हो चुकी है और उसके पास अब प्रभावी वायुसेना तथा हवाई रक्षा क्षमता नहीं बची है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने थोड़ी भी क्षमता हासिल करने की कोशिश की, तब अमेरिका ईरान को एक दिन में खत्म कर देगा। उन्होंने इस संभावित अभियान को वियतनाम और इराक जैसे पिछले युद्धों की तुलना में बहुत छोटा बताया। चीन यात्रा के दौरान व्यापारिक मोर्चे पर भी कई महत्वपूर्ण बातें हुईं। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने शी को अमेरिका से तेल खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया, जिस पर शी ने यह विचार पसंद आने की बात कही। इसके परिणामस्वरूप, चीनी जहाज जल्द ही टेक्सास, लुइसियाना और अलास्का से तेल ले जाएंगे। उन्होंने चीन से अपने बाजार खोलने, 200 बोइंग विमान खरीदने और बड़ी मात्रा में अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदने का भी अनुरोध किया, जिस पर भी सहमति का दावा हुआ। ट्रंप के साथ टेस्ला प्रमुख एलन मस्क और एप्पल प्रमुख टिम कुक सहित बड़ी अमेरिकी कंपनियों के शीर्ष सीईओ भी आए थे, जिनके काम की उन्होंने सराहना की। राष्ट्रपति ट्रंप की चीन यात्रा ईरान के लिए एक अत्यंत कड़ा और निर्णायक संदेश लेकर आई है। चीन के साथ रणनीतिक और व्यापारिक तालमेल बिठाकर, ट्रंप ने ईरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने और उस पर अधिकतम दबाव बनाने की अपनी रणनीति को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया है। आशीष दुबे / 15 मई 2026