रायपुर (ईएमएस)। रायपुर नगर निगम की महापौर ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि सफाई व्यवस्था प्रभावित होने नहीं दी जाएगी और काम करने वाले कर्मचारियों को रोकना नैतिक एवं कानूनी रूप से गलत है। रामकी कंपनी के कुछ ड्राइवरों द्वारा काम बंद किए जाने के मामले में महापौर ने कहा कि सफाई कर्मचारी और ड्राइवर शहर की व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन किसी भी परिस्थिति में शहरवासियों को गंदगी और अव्यवस्था के बीच नहीं छोड़ा जा सकता। महापौर ने जानकारी देते हुए कहा कि कुछ कर्मचारी स्वयं काम बंद करने के साथ-साथ उन ड्राइवरों को भी काम करने से रोक रहे हैं, जो अपनी ड्यूटी करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन काम करने के इच्छुक कर्मचारियों को रोकना या डराना कानूनन गलत है। काम बंद करना किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।” उन्होंने स्पष्ट किया कि रायपुर की स्वच्छता नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। महापौर ने रामकी कंपनी प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि वार्डों से कचरा उठाने का कार्य प्रभावित न हो। इसके साथ ही प्रशासन को भी स्थिति पर नजर रखने और काम में बाधा डालने वाले तत्वों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। महापौर ने कहा कि वे एक जनप्रतिनिधि हैं और उनके द्वार हर नागरिक एवं कर्मचारी के लिए हमेशा खुले हैं। यदि किसी को कोई समस्या है तो वह संवाद के माध्यम से समाधान निकाल सकता है। उन्होंने कहा कि संवादहीनता और काम का बहिष्कार शहरहित के खिलाफ है। महापौर ने ड्राइवरों से अपील करते हुए कहा कि वे शहर के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें और जल्द काम पर लौटें। उन्होंने दोहराया कि प्रशासन कर्मचारियों के हितों के प्रति संवेदनशील है, लेकिन शहर की सफाई और नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक कड़े निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेगा। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/15 मई २०२६