- आवक घटने से कीमतों में उछाल संभव, साबु ट्रेड ने की निर्बाध आपूर्ति की पुख्ता तैयारी सेलम/इंदौर (ईएमएस)। आगामी 17 मई से प्रारंभ हो रहे पवित्र पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के दौरान व्रत-उपवास की फलाहारी वस्तुओं की मांग में भारी उछाल आने का अनुमान है। साबु ट्रेड के अनुसार, इस वर्ष साबूदाना, मोरधन, मखाना और फरियाली आटे जैसी वस्तुओं की खपत पिछले वर्षों के मुकाबले करीब डेढ़ गुना तक बढ़ सकती है। हालांकि, कच्चे माल की कमी के चलते इनके दामों में तेजी देखी जा सकती है, लेकिन बाजार में उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कंपनी ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है। साबु ट्रेड के संस्थापक चेयरमैन गोपाल साबु ने बताया कि वर्तमान में कसावा कंद का सीजन समापन की ओर है, जिसके कारण साबूदाने की आवक काफी कमजोर पड़ गई है। मांग और आपूर्ति के इस अंतर को देखते हुए उन्होंने देश भर के वितरकों और स्टॉकिस्टों से पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने का आग्रह किया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अधिक मास उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत आस्था का समय है, अतः हमारा दायित्व है कि उन्हें शुद्ध और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद आसानी से मिलते रहें। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद कंपनी निर्बाध आपूर्ति शृंखला बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर चर्चा करते हुए गोपाल साबु ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य-पूर्व में तनाव और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के कारण खाद्य पदार्थों की उत्पादन लागत बढ़ी है। चीन के प्रॉपर्टी संकट और बदलती व्यापार नीतियों ने भी वैश्विक विकास की रफ्तार धीमी की है, जिसका आंशिक प्रभाव भारतीय बाजारों पर भी संभव है। इसके बावजूद साबु ट्रेड अपने चार दशकों के अनुभव और विश्वसनीयता के साथ गुणवत्ता से समझौता किए बिना निरंतर आपूर्ति के लिए संकल्पित है। तमिलनाडु के सेलम से संचालित साबु ट्रेड पिछले 40 वर्षों से उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का अग्रणी उत्पादक और निर्यातक रहा है। कंपनी के विभिन्न ब्रांड्स ने देशभर के उपभोक्ताओं के बीच गहरा विश्वास अर्जित किया है। इसमें सच्चासाबु ब्रांड के अंतर्गत एगमार्क साबूदाना, पापड़ और न्यूट्रीदाना जैसे उत्पाद आते हैं, जबकि अल्पाहार ब्रांड एगमार्क हल्दी, नारियल बुरादा, मखाना और मोरधन के लिए प्रसिद्ध है। साथ ही, कुकरीजॉकी ब्रांड के माध्यम से कंपनी पौष्टिक मिलेट्स और पारंपरिक खिचीया पापड़ की विस्तृत श्रृंखला पेश करती है। इन सभी उत्पादों की शुद्धता और स्वाद ने इन्हें भारतीय परिवारों का प्रिय बनाया है। प्रकाश/15 मई 2026