बालाघाट (ईएमएस). प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं ईंधन बचत को लेकर किए जा रहे आव्हान का सकारात्मक प्रभाव अब प्रशासनिक कार्यप्रणाली में भी दिखाई देने लगा है। बालाघाट जिला प्रशासन के अधिकारियों ने स्वयं पहल करते हुए वाहन शेयरिंग अपनाकर समाज को एक प्रेरणादायी संदेश दिया है। अपर कलेक्टर जीएस धुर्वे, डीपी बर्मन पहले प्रतिदिन अपने-अपने अलग वाहनों से कार्यालय पहुंचते थे। लेकिन बढ़ती ईंधन खपत, पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता तथा प्रधानमंत्री के ईंधन बचत संदेश से प्रेरित होकर दोनों अधिकारियों ने अब वाहन शेयर करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में दोनों अधिकारी आज एक ही वाहन से कार्यालय पहुंचे। इसी प्रकार संयुक्त कलेक्टर एमआर कोल एवं डिप्टी कलेक्टर प्रदीप कौरव भी ईंधन की बचत के प्रति सजग होकर वाहन शेयरिंग कर एक ही वाहन से कार्यालय पहुँचे। यह पहल केवल ईंधन बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार नागरिकता का भी उदाहरण बनकर सामने आई है। वाहन शेयरिंग से न केवल पेट्रोल-डीजल की बचत होगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में कमी आने से पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा। प्रशासनिक अधिकारियों की यह छोटी लेकिन प्रभावशाली पहल आम नागरिकों को भी जागरूक करने का कार्य कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि लोग छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाएं, तो बड़े स्तर पर ऊर्जा संरक्षण संभव है। कार्यालय आने-जाने में वाहन शेयरिंग अपनाकर लोग ईंधन की बचत के साथ-साथ ट्रैफिक और प्रदूषण को भी कम कर सकते हैं। भानेश साकुरे / 15 मई 2026