लखनऊ (ईएमएस)। नीट 2026 प्रश्नपत्र लीक मामला में जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने पुणे से रसायन शास्त्र के प्राध्यापक पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में यह अब तक की 8वीं गिरफ्तारी बताई जा रही है। जांच एजेंसी का दावा है कि कुलकर्णी ही पूरे प्रश्नपत्र लीक गिरोह का मुख्य सूत्रधार है। जांच में सामने आया है कि आरोपी मूल रूप से लातूर का रहने वाला है और कई वर्षों तक नीट प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञ पैनल का हिस्सा रह चुका है। इसी वजह से उसे परीक्षा प्रणाली और प्रश्नपत्र तक सीधी पहुंच हासिल थी। जांच एजेंसी के मुताबिक आरोपी पुणे स्थित अपने घर से कोचिंग चलाता था, जहां वह परीक्षा से पहले चुनिंदा विद्यार्थियों को संभावित प्रश्न और उनके सही उत्तर उपलब्ध कराता था। आरोप है कि 3 मई को हुई परीक्षा से पहले अप्रैल के अंतिम सप्ताह में कई विद्यार्थियों तक लीक सामग्री पहुंचाई गई। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि 1 मई की रात एक गुप्त संदेश समूह पर कथित तौर पर प्रश्नपत्र साझा किया गया था। इस समूह में 402 सदस्य जुड़े हुए थे। प्रारंभिक जांच में साझा किए गए प्रश्नों और वास्तविक परीक्षा के प्रश्नों में कई समानताएं पाई गई हैं, जिससे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है। इस बीच प्रश्नपत्र लीक विवाद से देशभर में विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा कितने विद्यार्थियों तक यह लीक सामग्री पहुंचाई गई। सुबोध/१५-०५-२०२६