राष्ट्रीय
15-May-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। नीट 2026 परीक्षा विवाद और प्रश्नपत्र लीक मामले के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों से आई 3 दर्दनाक घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर दिया है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली और गोवा में 3 युवा अभ्यर्थियों की आत्महत्या की घटनाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव, मानसिक तनाव और अनिश्चित भविष्य को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। पहली घटना लखीमपुर खीरी से सामने आई, जहां 21 वर्षीय छात्र रितिक मिश्रा ने 14 मई को अपने घर में फांसी लगाकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली। परिजनों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने की खबर के बाद वह गहरे तनाव में था। बताया जा रहा है कि यह उसका तीसरा प्रयास था और उसे इस बार अच्छे परिणाम की उम्मीद थी। दूसरी घटना आज़ादपुर से सामने आई, जहां 20 वर्षीय युवती ने 14 मई को अपने घर में फांसी लगा ली। परिवार के लोगों के अनुसार छात्रा परीक्षा से जुड़ी अनिश्चितता और तनाव से परेशान थी। बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा। तीसरी घटना कर्टोरिम में हुई, जहां 17 वर्षीय छात्र ने 13 मई को अपने घर में आत्महत्या कर ली। बताया गया है कि उसने अपने लिखित संदेश में कहा था कि वह अब प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव का सामना नहीं करना चाहता। इन घटनाओं ने शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में केवल परीक्षा ही नहीं, बल्कि भावनात्मक सहयोग और मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था को भी समान प्राथमिकता देना जरूरी है। सुबोध/१५-०५-२०२६