राष्ट्रीय
16-May-2026
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एवेन्यू कोर्ट में हुए पेश, कहा- सरकार के इशारे पर काम करती है ईडी नई दिल्ली,(ईएमएस)। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को बिजनेसमैन रॉबर्ट वाड्रा को शिकोहपुर जमीन सौदा मामले में प्री-अरेस्ट बेल यानी नियमित जमानत दे दी गई। कोर्ट ने इस मामले में ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए वाड्रा को समन जारी किया था। जमानत देते समय कोर्ट ने कोई अतिरिक्त शर्त नहीं रखी। सुनवाई के दौरान वाड्रा ने कहा कि ईडी सरकार के इशारे पर काम करती है और निष्पक्ष नहीं है, लेकिन मुझे देश की न्यायपालिका पर पूरा यकीन है। वहीं, ईडी के वकील जोहेब हुसैन ने जांच की विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि एजेंसी अभी भी कुछ पहलुओं की जांच कर रही है और इसके लिए समय की जरूरत है। इस मामले में अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी। ईडी के मुताबिक वाड्रा की कंपनी ने फरवरी 2008 में ओमकारेश्वर प्रॉपर्टीज से 7.5 करोड़ गुरुग्राम के शिकोहपुर में 3.5 एकड़ जमीन खरीदी थी। बाद में इसे डीएलएफ को 58 करोड़ रुपए में बेच दिया गया। एजेंसी का दावा है कि ये डील मनी लॉन्ड्रिंग का हिस्सा थी। इसको लेकर वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू की गई। जुलाई 2025 में ईडी ने मामले में एफआईआर की और चार्जशीट में रॉबर्ट वाड्रा का भी नाम डाला। ईडी ने जुलाई 2025 में को कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बिजनेसमैन पति रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। यह मामला ब्रिटेन के आर्म्स डीलर संजय भंडारी के साथ संदिग्ध लेनदेन से जुड़ा है। चार्जशीट दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल की गई थी। इस मामले में पीएमएलए के तहत वाड्रा का बयान जुलाई में दर्ज किया गया था। ईडी का दावा है कि वाड्रा और भंडारी के बीच वित्तीय लेनदेन की कड़ियां मिली हैं, जिनमें विदेशी प्रॉपर्टी और फंड ट्रांसफर की जांच शामिल है। ईडी ने चार्जशीट में वाड्रा को 9वें नंबर का आरोपी बनाया गया है। अब इस मामले पर कोर्ट 6 दिसंबर को विचार करेगी। वाड्रा के खिलाफ यह मनी लॉन्ड्रिंग का दूसरा आरोप-पत्र है। जुलाई में ईडी ने हरियाणा के शिकोहपुर में एक जमीन सौदे में अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी वाड्रा के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। 2016 में लंदन भाग गया संजय भंडारी हथियार डीलर है। इनकम टैक्स विभाग ने भंडारी के खिलाफ 2015 के काला धन विरोधी कानून के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था। 2016 में इनकम टैक्स विभाग की छापेमारी के बाद वह भारत से लंदन भाग गया। दिल्ली की एक अदालत ने 63 साल के संजय भंडारी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया है। वहीं मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शनिवार को जमानत मिलने के बाद बिजनेसमैन रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि वे निडर हैं और कुछ छिपाना नहीं चाहते हैं, बस ईडी को झेलना है। उन्होंने कहा कि उनमें झेलने की क्षमता है, वह सबसे बड़ी चीज है। रॉबर्ट वाड्रा के वकील ने अपनी दलील में कहा कि इस मामले में उन्हें पहले कभी गिरफ्तार नहीं किया गया था, इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। कोर्ट ने उनकी दलील सुनने के बाद जमानत मंजूर कर ली। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी। जमानत मिलने के बाद मीडिया से कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि मुझे इस देश की न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। मुझे पता है कि ईडी को सरकार चला रही है और ईडी सरकार के इशारों पर ही काम करती रहेगी। इसलिए ईडी की तरफ से यह रवैया सही नहीं है, लेकिन मुझे देश की न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। मैं यहीं हूं, मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। इसलिए मैं हमेशा यहीं रहूंगा और सभी सवालों के जवाब दूंगा। जो भी औपचारिकताएं हैं, मैं उन्हें पूरी करूंगा। सिराज/ईएमएस 16मई26