राष्ट्रीय
16-May-2026
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बॉटनी और जूलॉजी दोनों विषयों के प्रश्न-पत्रों को किया लीक नई दिल्ली,(ईएमएस)। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 फिर विवादों में घिर गई है, और इस बार का खुलासा इतना चौंकाने वाला है कि पूरे शिक्षा तंत्र में भूचाल आ गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पेपर लीक कांड की मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है, जो पुणे की एक वरिष्ठ बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मंधारे खुद राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा नियुक्त एक विशेषज्ञ थीं और उन्हें प्रश्न पत्रों तक सीधी पहुंच प्राप्त थी। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मामले में सीबीआई की जांच ने एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है। सीबीआई के अनुसार, मंधारे परीक्षा प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थीं, जिन्हें बॉटनी और जूलॉजी दोनों विषयों के प्रश्न पत्रों तक विशेष और गोपनीय पहुंच हासिल थी। आरोप है कि उन्होंने अपनी इसी जिम्मेदारी का दुरुपयोग कर परीक्षा से पहले ही चुनिंदा प्रश्न पत्रों को बाहर निकाल दिया। जांच में सामने आया है कि उन्होंने गोपनीय जानकारी को सुनियोजित तरीके से छात्रों तक पहुंचाने के लिए पूरा नेटवर्क तैयार किया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, अप्रैल 2026 के दौरान मनीषा ने पुणे की मनीषा वाघमारे की मदद से संभावित उम्मीदवारों को इकट्ठा किया। इसके बाद, उन्होंने अपने घर पर विशेष कोचिंग सत्र आयोजित किए। इन सत्रों में, छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के कई महत्वपूर्ण प्रश्न समझाए गए, उन्हें नोटबुक में लिखवाया गया और यहां तक कि किताबों में भी चिन्हित करवाया गया। बाद में, 3 मई 2026 को आयोजित वास्तविक नीट-यूजी परीक्षा में यही प्रश्न सामने आए, जिससे छात्रों के बीच असंतोष और संदेह का माहौल गहरा गया। बीते 24 घंटों में, सीबीआई ने देश भर के छह अलग-अलग ठिकानों पर सघन छापेमारी की। इस दौरान, जांच एजेंसी ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और बैंक स्टेटमेंट जब्त किए हैं। एजेंसी अब डिजिटल डेटा का विश्लेषण कर रही है और पैसों के लेन-देन की गहन जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि पेपर लीक के बदले कितनी मोटी रकम ली गई और इस व्यापक साजिश में कितने और लोग शामिल थे। अब तक मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहल्यानगर सहित कई शहरों से कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से पांच आरोपियों को अदालत ने सात दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा है, जबकि हाल ही में गिरफ्तार किए गए दो अन्य आरोपियों को पुणे से दिल्ली लाया गया है, जहां उनसे गहन पूछताछ जारी है। यह दर्शाता है कि यह नेटवर्क दिल्ली से पुणे तक फैला हुआ था और इसमें कई स्तर के लोग शामिल थे। इस बड़े खुलासे के बाद देशभर में नीट परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लाखों छात्र और उनके अभिभावक अब जानना चाहते हैं कि आखिर देश की इतनी गोपनीय और महत्वपूर्ण परीक्षा का पेपर इतनी आसानी से बाहर कैसे पहुंचा। वहीं सीबीआई ने बताया कि जांच अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में इस बड़े नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े नाम और खुलासे सामने आ सकते हैं, जो इस पूरे रैकेट की जड़ों तक पहुंचने में मददगार साबित हो सकते है। आशीष दुबे / 16 मई 2026