डीआईजी धर्मराजन अब कोर सेल विशेष सुरक्षा इकाई का नेतृत्व संभालेंगे चेन्नई,(ईएमएस)। तमिलनाडु में सीएम की कुर्सी बैठने के बाद टीवीके चीफ थलपति विजय सुर्खियों में हैं। विजय ने सीएम बनने के बाद राज्य सरकार ने ब्यूरोक्रेसी में बदलाव किया है। इसमें 2009 बैच के आईपीएस धर्मराजन को सीएम की सुरक्षा का दायित्व सौंपा है। आईपीएस धर्मराजन सीएम विजय के सुरक्षा अधिकारी में नियुक्त होने के बाद चर्चा में आ गए हैं। खुफिया विभाग के डीआईजी के रूप में नियुक्त, धर्मराजन सीएम की सुरक्षा शाखा के प्रमुख के तौर पर कार्य करेंगे। धर्मराजन अब कोर सेल नामक विशेष सुरक्षा इकाई का नेतृत्व संभालेंगे। यह बल है जिसे विशेष रूप से सीएम की सुरक्षा के लिए गठित किया गया है। बता दें आईपीएस धर्मराजन रामनाथपुरम के परमाकुडी से ताल्लुक रखने वाले धर्मराजन का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था। अपनी असाधारण प्रतिभा और दृढ़ लगन के बल पर और अनेक बाधाओं को पार करते हुए, उनका सीधे आईपीएस अधिकारी के रूप में चयन हुआ। साल 2009 बैच के आईपीएस धर्मराजन अपनी पिछली सभी नियुक्तियों के दौरान आम लोगों और समाज के वंचित वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता, और साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले ऑफिसर के तौर पर छवि बनाई है। वह अभी तक तिरुपत्तूर, कोलाचेल और नीलगिरि जैसे इलाकों में एएसपी और कन्याकुमारी जिले के एसपी का पद संभाल चुके हैं। 2020 में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी में शामिल हो गए थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीएम विजय का पद संभालने के एक दिन बाद सी जोसेफ विजय को जेड+ श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी। यह देश में वीआईपी सुरक्षा के सबसे ऊंचे स्तरों में से एक है। इस बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था के तहत 55 केंद्रीय सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों की एक टुकड़ी सीएम को 24 घंटे सुरक्षा देगी। इस सुरक्षा दल में एनएसजी के चुनिंदा कमांडो भी शामिल हैं। जो सभी अत्याधुनिक एमपी5 सबमशीन गनों से लैस हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस सुरक्षा व्यवस्था में एक बुलेटप्रूफ गाड़ी और एक पायलट एस्कॉर्ट गाड़ी शामिल है, ताकि राज्य भर में आधिकारिक दौरों के दौरान विजय की सुरक्षा तय की जा सके। सीएम बनने से पहले विजय को वॉय-श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी। सिराज/ईएमएस 16मई26