नई दिल्ली (ईएमएस)। देश की सबसे बड़ी चिकित्सकीय प्रवेश परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की जांच ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि परीक्षा से पहले कुछ विद्यार्थियों को विशेष कक्षाओं में वही प्रश्न पढ़ाए गए, जो बाद में तीन मई को आयोजित वास्तविक परीक्षा में दिखाई दिए। इस खुलासे के बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया है। जांच एजेंसी ने पुणे से एक वनस्पति विज्ञान शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ने के बाद उन्होंने चुनिंदा विद्यार्थियों से संपर्क साधा और अपने घर पर गुप्त अध्ययन सत्र शुरू किए। इन कक्षाओं में विद्यार्थियों को कुछ विशेष प्रश्न नोटबुक में लिखने, किताबों में निशान लगाने और उन्हीं विषयों पर विशेष तैयारी करने को कहा गया। पूछताछ में सामने आया कि शिक्षिका द्वारा चिन्हित किए गए अधिकांश प्रश्न वास्तविक परीक्षा पत्र से हूबहू मेल खाते हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था, जिसमें बिचौलिए, कोचिंग संचालक और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोग शामिल हो सकते हैं। पिछले चौबीस घंटों में एजेंसी ने दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर समेत छह ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेज, संगणक, चल दूरभाष और बैंक रिकॉर्ड जब्त किए हैं। अब तक इस मामले में नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है। सुबोध/१६-०५-२०२६