कोलकाता (ईएमएस)। पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने सत्ता संभालते ही प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलावों की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में पूर्व सरकार के दौरान गठित पुलिस कल्याण बोर्ड को तत्काल प्रभाव से भंग करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बोर्ड अपने मूल उद्देश्य से भटक गया था और समय के साथ एक राजनीतिक व्यवस्था का हिस्सा बनकर रह गया था। पुलिस प्रशासन के साथ उच्चस्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अब राज्य में किसी व्यक्ति या दल का नहीं, बल्कि कानून का शासन चलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड के माध्यम से कुछ चुनिंदा अधिकारियों को विशेष लाभ पहुंचाया गया, जबकि सामान्य पुलिसकर्मियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका। मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति के गठन की घोषणा की है। यह समिति अगले तीन महीनों के भीतर पुलिस सुधारों का नया ढांचा तैयार करेगी। इसके साथ ही सरकार ने टोटो चालकों, ऑटो चालकों और फुटपाथ व्यापारियों से कथित अवैध वसूली के खिलाफ सख्त रुख भी अपनाया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़क पर किसी भी तरह की जबरन वसूली, दबाव या गैरकानूनी वसूली को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सत्ता संभालने के पहले सात दिनों के भीतर लिए गए इन फैसलों को राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है। सुबोध/१६-०५-२०२६