स्टालिन से मुलाकात को लेकर हो रही आलोचना पर रजनीकांत ने तोड़ी चुप्पी चेन्नई,(ईएमएस)। दिग्गज एक्टर रजनीकांत ने रविवार को अपने आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने राज्य के पूर्व सीएम एमके स्टालिन के साथ अपनी हालिया मुलाकात को लेकर हो रही आलोचनाओं के बीच अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि विजय के सीएम बनने की खबर सुनकर वो हैरान थे। उन्होंने कहा कि वे अब राजनीति में सक्रिय नहीं हैं और कई सालों से इससे दूर हैं। रजनीकांत ने कहा कि उनके और विजय के बीच उम्र में 28 साल का अंतर है और विजय ने दो प्रमुख राजनीतिक दलों (डीएमके-एआईएडीएमके) के खिलाफ खड़े होकर स्वतंत्र रूप से अपनी पहचान बनाई है। जब मैं राजनीति में नहीं हूं, तो मुझे उनसे ईर्ष्या क्यों होनी चाहिए? मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रजनीकांत ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का फैसला इसलिए किया क्योंकि उनके राजनीतिक रुख और स्टालिन के साथ उनकी मुलाकात के बारे में बार-बार की जा रही आलोचनाओं का अगर जवाब नहीं दिया गया तो उन्हें सच मान लिया जाएगा। रजनीकांत ने चुनाव परिणामों के बाद स्टालिन के साथ अपनी मुलाकात का बचाव करते हुए कहा कि उनका रिश्ता राजनीति से परे है। उन्होंने कहा कि मुझे दुख हुआ कि एमके स्टालिन कुलथुर से हार गए। रजनीकांत कोई घटिया या निम्न स्तर के व्यक्ति नहीं हैं जो बेवजह किसी और बात पर टिप्पणी करें। रजनीकांत ने विजय के सीएम बनने पर अपनी प्रतिक्रिया को लेकर हो रही आलोचनाओं का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मेरे बारे में यह भी कहा गया कि मैंने एयरपोर्ट पर विजय को बधाई नहीं दी। उन्होंने कहा कि मैंने उनकी जीत के तुरंत बाद एक्स पर बधाई संदेश पोस्ट किया था। जब मैं राजनीति में नहीं हूं, तो मुझे उनसे ईर्ष्या क्यों होनी चाहिए? जिसके भाग्य में जो लिखा है, वो होकर रहेगा और जिसका नहीं लिखा है, वो नहीं होगा। बता दें रजनीकांत की यह टिप्पणियां चुनाव परिणामों के बाद तमिलनाडु में चल रही गहन राजनीतिक चर्चाओं और राज्य में फिल्म जगत की हस्तियों और मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों के बीच राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलों के बीच आई है। सिराज/ईएमएस 17मई26 -------------------------------