ज़रा हटके
18-May-2026
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गुरुग्राम में पुलिस ने दो शातिर दोस्तों को दबोचा नई दिल्ली(ईएमएस)। गुरुग्राम में दो दोस्तों द्वारा घूमने के बहाने किराए पर ली गई महिंद्रा थार को वापस लौटाने के बजाय राजस्थान में औने-पौने दाम में बेचने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सेक्टर-5 थाना पुलिस ने इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश करते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जहां उनसे गाड़ी की बरामदगी को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 34 वर्षीय मनोज पंवार और 23 वर्षीय सुमित के रूप में हुई है, जिनमें से मनोज हरियाणा के बहादुरगढ़ का और सुमित झज्जर जिले का रहने वाला है। यह पूरा मामला तब रोशनी में आया जब सेक्टर-6 में कार रेंटल का बिजनेस करने वाले एक कारोबारी ने पुलिस में अपनी थार गाड़ी चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, गत 22 अप्रैल को एक व्यक्ति दो दिन के सफर पर जाने का बहाना बनाकर उनकी दुकान से महिंद्रा थार किराए पर लेकर गया था। जब निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी गाड़ी वापस नहीं आई और आरोपी का मोबाइल फोन लगातार बंद आने लगा, तब रेंटल कंपनी के मालिक को ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस की शरण ली। कारोबारी की शिकायत पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने जांच शुरू की और गुप्त सूचना के आधार पर शुक्रवार को झज्जर जिले के बहादुरगढ़ से दोनों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि आरोपियों की नीयत गाड़ी किराए पर लेने के बाद खराब हो गई थी। वे उस कीमती एसयूवी को राजस्थान ले गए और वहां किसी अज्ञात व्यक्ति को मात्र 2,30,000 रुपये के बेहद कम दाम में बेच दिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपियों का यह पहला अपराध नहीं है। पकड़े गए मनोज और सुमित दोनों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वे पहले भी कई गैर-कानूनी वारदातों में शामिल रहे हैं। फिलहाल पुलिस की टीमें राजस्थान में बेची गई थार गाड़ी को बरामद करने और उसे खरीदने वाले व्यक्ति तक पहुंचने के लिए छापेमारी कर रही हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/18मई 2026