रायगढ़(ईएमएस)। जिले में एक बार फिर हाथियों की संख्या बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। रायगढ़ और धरमजयगढ़ वन मंडल के अलग-अलग जंगलों में इस समय कुल 140 हाथी विचरण कर रहे हैं, जो रात के समय गांवों के करीब पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, धरमजयगढ़ वन मंडल में सबसे अधिक 122 हाथी मौजूद हैं। इनमें 41 नर, 60 मादा और 21 शावक शामिल हैं। यहां छाल रेंज में अकेले 52 हाथियों का दल सक्रिय है, जबकि आमगांव बीट क्षेत्र में 15 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। वहीं रायगढ़ वन मंडल के जंगलों में 18 हाथी विचरण कर रहे हैं, जिनमें 3 नर, 11 मादा और 4 शावक शामिल हैं। हाथियों की लगातार आवाजाही और तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों के लिए विशेष सतर्कता निर्देश जारी किए हैं। विभाग का कहना है कि सुबह के समय जंगल जाने से पहले हाथियों की गतिविधियों की जानकारी जरूर ली जाए और जोखिम वाले क्षेत्रों से बचा जाए। धरमजयगढ़ वन मंडल में तेंदूपत्ता संग्राहकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है और प्रभावित इलाकों में मुनादी भी कराई जा रही है। वन विभाग ने यह भी सुझाव दिया है कि हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में समय और रूट में बदलाव किया जाए, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। सत्यप्रकाश(ईएमएस)18 मई 2026