क्षेत्रीय
18-May-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है। अब बारी ऑटो-टैक्सी का किराया बढ़ने की है। अगर ऐसा हुआ, तो ऑफिस-कॉलेज वालों से लेकर दिल्ली दर्शन को आए टूरिस्टों और रोजमर्रा में ऑटो-टैक्सी का इस्तेमाल करने वाली जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। दरअसल ऑटो-टैक्सी यूनियन के लोगों ने दिल्ली सरकार से मिलकर किराया बढ़ाने की मांग की है। ये मांग सीएनजी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, अगर सरकार ने यूनियन की मांगें स्वीकार कर लीं। तो, मानकर चलिए आपकी जेब पर 20 रुपये से लेकर 30 रुपये तक का न्यूनतम किराया बोझ बढ़ सकता है। आइए आसान शब्दों में समझते हैं, ऑटो-टैक्सी वालों की क्या मांगे हैं और आपकी जेब पर कितना बोझ पड़ सकता है। सबसे पहले समझिए, अचानक से ऐसा क्या हुआ कि ऑटो-टैक्सी वालों ने किराया बढ़ाने की मांग कर दी। दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन ने इस संबंध में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को ज्ञापन सौंपा है। इनका कहना है कि दिल्ली में सीएनजी की कीमत में बढ़कर 89.9 रुपये प्रति किलो हो गई है। इससे पहले भी दाम बढ़ चुके हैं। महंगाई लगातार जारी है। गाड़ी में इस्तेमाल होने वाले पुर्जों से लेकर टायर, इंजन जैसे हिस्सों में होने वाला मेंटिनेंस खर्च भी बढ़ा है। ऑटो टैक्सी का फिटनेस शुल्क भी बढ़ गया है। इन बढ़ती लागत कीमतों के चलते ऑटो और टैक्सी चालकों की आमदनी लगातार गिर रही है। ऐसे में एक उपाय यही है कि किराया में बढ़ोतरी की जाए। इसे ध्यान में रखते हुए ही ये मांगे की गई हैं। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/18/ मई/2026