:: दारू, दहेज और डीजे मुक्त विवाह कराकर ग्राम जूनापानी के रामा नरगावे ने पेश की समाज सुधार की मिसाल :: बड़वानी/इंदौर (ईएमएस)। जनजाति अंचल में पनप रही सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ बड़वानी जिला पुलिस द्वारा चलाई जा रही मुहिम धरातल पर रंग लाने लगी है। पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ल के नेतृत्व में जिले में 3-डी अर्थात दारू, दहेज और डीजे जैसी बुराइयों के उन्मूलन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान से प्रेरित होकर 17 मई को ग्राम जूनापानी में एक ऐसा अनोखा विवाह संपन्न हुआ, जो केवल दो परिवारों का मिलन नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए बदलाव की बड़ी मिसाल बन गया। दरअसल, गत 4 मई को ग्राम धवली में पुलिस द्वारा आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में ग्राम जूनापानी के रामा नरगावे ने इस सामाजिक पहल को अपनाया था। उन्होंने जनसंवाद में संकल्प लिया था कि वे अपने बच्चों की शादी में दारू, दहेज और डीजे का बिल्कुल भी उपयोग नहीं करेंगे। अपने इसी संकल्प को पूरा करते हुए उन्होंने रविवार को अपने पुत्र कृष्णा और दो पुत्री रंजिता व दिना का विवाह पूरी सादगी से बिना किसी कुरीति के संपन्न कराया। इस साहसिक और प्रेरणादायी पहल पर रामा नरगावे के आमंत्रण को स्वीकार करते हुए स्वयं पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ल ग्राम जूनापानी में आयोजित विवाह समारोह में पहुंचे। एसपी ने समारोह में उपस्थित होकर तीनों दूल्हा-दुल्हनों को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामना संदेश और उपहार भेंट किए। इसके साथ ही उन्होंने समाज को नई दिशा दिखाने वाले नरगावे दंपति को शॉल-श्रीफल देकर विशेष रूप से सम्मानित किया। इस विवाह समारोह की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने ग्रामीणों में नया विश्वास जगाया। शादी में शामिल हुए जनजातीय समाज के सैकड़ों लोगों ने सालों से चली आ रही इन कुरीतियों को हमेशा के लिए खत्म करने की शपथ ली। उपस्थित जनसमुदाय को भविष्य में भी बिना दहेज, डीजे और दारू के विवाह समारोह संपन्न कराने तथा दहेज के लेन-देन को पूर्ण रूप से बंद करने का सामूहिक संकल्प दिलाया गया। इस ऐतिहासिक सामाजिक परिवर्तन के गवाह बने विवाह समारोह में थाना वरला का पुलिस स्टाफ, सेंधवा के वन मंडल अधिकारी इंदुसिंह गडरिया, गायत्री परिवार के सदस्य खुमसिंह सहित स्थानीय ग्राम सरपंच और पटेल भी मुख्य रूप से शामिल हुए। प्रकाश/18 मई 2026