राज्य
18-May-2026
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:: बाणगंगा में इंदौर पुलिस की अनूठी पहल, नई उम्मीद अभियान के तहत बच्चों को सौंपी कॉपियां-किताबें, कराया जाएगा मुफ्त इलाज :: इंदौर (ईएमएस)। नगरीय पुलिस इंदौर के जोन-3 द्वारा नशे के काले कारोबार और इसकी गिरफ्त में आ चुके युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान “नई उम्मीद” अब धरातल पर सकारात्मक रंग लाने लगा है। इसी अभिनव पहल के तहत बाणगंगा क्षेत्र में अभियान का 21वां महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया गया। इस भावुक और प्रेरणादायी माहौल में क्षेत्र के 17 नशे से पीड़ित बालकों ने न केवल अपनी भूल स्वीकार की, बल्कि भविष्य में हर प्रकार के नशे से दूर रहने का दृढ़ संकल्प भी लिया। यह गरिमामय सत्र अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (जोन-3) रामसनेही मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें सहायक पुलिस आयुक्त (हीरा नगर) रुबीना मिजवानी एवं थाना प्रभारी बाणगंगा सिया राम सिंह गुर्जर सहित काउंसलिंग समिति के सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। :: खाकी का मानवीय चेहरा और सीधा संवाद :: अक्सर सख्त और अनुशासनात्मक नजर आने वाली पुलिस का जब मानवीय चेहरा सामने आया, तो बच्चे अपने आंसू और दर्द नहीं छुपा सके। अधिकारियों ने सत्र में मौजूद शिवम, अश्मित, शिवेन्द्र, आशीष, आकाश, वंश, तनिष्क और यश जैसे युवाओं से व्यक्तिगत रूप से चर्चा की। बच्चों ने खुलकर स्वीकार किया कि वे किन्हीं विपरीत परिस्थितियों के कारण नशे के दलदल में धंस गए थे, लेकिन पुलिस के इस अपनत्व भरे व्यवहार और सहयोग ने उन्हें नई राह दिखाई है, जिससे प्रेरित होकर अब वे एक सामान्य और सभ्य नागरिक की तरह जीवन जीना चाहते हैं। :: अभाव और कुसंगति की कड़वी सच्चाई :: विशेषज्ञों और पुलिस टीम ने जब बच्चों की सघन काउंसलिंग की, तो इस सामाजिक बुराई के पीछे के कई कड़वे सच और कारण उभरकर सामने आए। इसमें मुख्य रूप से देखा गया कि कई मामलों में परिजनों द्वारा स्वयं नशा करने से बच्चे इसकी ओर आकर्षित हुए, वहीं परिवार की कमजोर माली हालत और आर्थिक तंगी ने भी उन्हें इस ओर धकेला। इसके अलावा गलत मित्रों की संगति और आसपास के नकारात्मक सामाजिक परिवेश ने बच्चों के कोमल मन पर दूषित प्रभाव डाला, जिससे वे इस लत का शिकार हो गए। :: थाने के बीट जवानों ने थमाईं कॉपियां :: बाणगंगा थाने के बीट अधिकारियों ने शिक्षा के प्रति ललक दिखाने वाले बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें शैक्षणिक सामग्री और कॉपियां-किताबें वितरित कीं। पुलिस प्रशासन द्वारा इन बच्चों को प्रतिदिन संक्षिप्त काउंसलिंग के माध्यम से अच्छे और रचनात्मक कार्यों के प्रति निरंतर प्रेरित किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि हमारा उद्देश्य केवल कानूनी कार्रवाई करना या अपराधियों को पकड़ना नहीं है, बल्कि समाज के भटके हुए युवाओं को सही और सकारात्मक दिशा दिखाना है, और नई उम्मीद अभियान खाकी का ऐसा ही एक संवेदनशील प्रयास है। :: निशुल्क इलाज से मिलेगा नया जीवन :: इंदौर पुलिस इस अभियान को केवल समझाइश और कॉपियां बांटने तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि समाज की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प ले चुके इन युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत करने के लिए मनोरोग विशेषज्ञों के माध्यम से निशुल्क चिकित्सीय उपचार भी मुहैया करा रही है, ताकि ये बच्चे पूरी तरह से इस जाल से मुक्त होकर देश के जिम्मेदार नागरिक बन सकें। प्रकाश/18 मई 2026