लेख
19-May-2026
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आज का मनुष्य समस्याओं, तनाव, भागदौड़ और मानसिक अशान्ति से घिरा हुआ है। जीवन की गति इतनी तेज हो चुकी है कि व्यक्ति स्वयं से ही दूर होता जा रहा है। कभी आर्थिक समस्या, कभी पारिवारिक तनाव, कभी शारीरिक रोग तो कभी मानसिक बेचैनी—मनुष्य हर क्षण किसी न किसी चिंता में उलझा रहता है। विशेषकर गर्मी के मौसम में यह स्थिति और अधिक कठिन हो जाती है। तीखी धूप, बढ़ता तापमान, शरीर में पानी की कमी, थकान, चिड़चिड़ापन, अनिद्रा और मानसिक तनाव व्यक्ति को कमजोर बना देते हैं। ऐसे समय में यदि कोई उपाय शरीर और मन दोनों को संतुलित कर सकता है, तो वह है योग। योग केवल व्यायाम नहीं है, बल्कि यह सम्पूर्ण जीवन को संतुलित करने की एक वैज्ञानिक पद्धति है। यह शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करता है। योग मनुष्य को केवल रोगमुक्त ही नहीं बनाता, बल्कि उसे भीतर से शक्तिशाली, शांत और प्रसन्न भी बनाता है। वर्तमान समय में योग की उपयोगिता पूरे विश्व में स्वीकार की जा रही है। भारत की यह प्राचीन धरोहर आज विदेशों तक पहुँच चुकी है और करोड़ों लोग इसे अपने जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। गर्मी के मौसम में योग का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस मौसम में शरीर जल्दी थक जाता है, पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है और मन बेचैन रहने लगता है। लगातार पसीना निकलने से शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होती है। ऐसे में योग शरीर को नई ऊर्जा प्रदान करता है। प्राणायाम और ध्यान शरीर को ठंडक पहुँचाते हैं तथा मन को शांत बनाते हैं। योग करने से शरीर में रक्तसंचार ठीक रहता है और शरीर का तापमान संतुलित बना रहता है। इससे गर्मी का प्रभाव कम महसूस होता है। गर्मी में योग करने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह शरीर को अंदर से शीतलता प्रदान करता है। शीतली प्राणायाम, शीतकारी प्राणायाम और अनुलोम-विलोम जैसे योगाभ्यास शरीर की गर्मी को कम करते हैं। ये मन को शांत करते हैं और तनाव दूर करते हैं। जो लोग गर्मी में बेचैनी, घबराहट और चिड़चिड़ापन महसूस करते हैं, उनके लिए योग किसी औषधि से कम नहीं है। योग करने से मानसिक स्थिरता बढ़ती है और व्यक्ति सकारात्मक सोचने लगता है। आज अनेक बीमारियों का मूल कारण असंतुलित जीवनशैली और मानसिक तनाव है। गर्मी के दिनों में रक्तचाप, डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, अनिद्रा, थकान और त्वचा संबंधी समस्याएँ अधिक बढ़ जाती हैं। योग इन सभी समस्याओं से बचाने में सहायक सिद्ध होता है। नियमित योगाभ्यास से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और व्यक्ति जल्दी बीमार नहीं पड़ता। योग शरीर को लचीला बनाता है तथा मांसपेशियों को मजबूत करता है। इससे शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है। स्वास्थ्य की दृष्टि से योग अत्यन्त आवश्यक बन गया है। आधुनिक जीवन में मनुष्य मशीनों पर निर्भर होता जा रहा है। शारीरिक श्रम कम हो गया है और मानसिक तनाव बढ़ गया है। ऐसे समय में योग ही वह साधन है जो शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रख सकता है। योग के माध्यम से व्यक्ति स्वयं को अनुशासित बनाना सीखता है। यह केवल रोगों का उपचार नहीं करता, बल्कि रोगों को होने से भी रोकता है। योग का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि यह मनुष्य को मानसिक शांति प्रदान करता है। आज लोग धन और सुख-सुविधाएँ तो प्राप्त कर रहे हैं, परन्तु शांति उनसे दूर होती जा रही है। योग मन की चंचलता को नियंत्रित करता है और व्यक्ति को आत्मिक सुख का अनुभव कराता है। ध्यान और प्राणायाम के अभ्यास से मन एकाग्र होता है। इससे पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की स्मरण शक्ति बढ़ती है और काम करने वाले लोगों की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। गर्मी में सुबह के समय खुले वातावरण में योग करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। प्रातःकाल की शुद्ध हवा शरीर और मन को नई ताजगी देती है। सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन और शवासन जैसे योगासन शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक हैं। शवासन विशेष रूप से गर्मी में लाभदायक माना जाता है क्योंकि यह शरीर और मन को गहरा आराम देता है। योग केवल शरीर को ही नहीं बदलता, बल्कि मनुष्य के व्यक्तित्व का भी विकास करता है। यह आत्मविश्वास बढ़ाता है और व्यक्ति को धैर्यवान बनाता है। योग करने वाला व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में भी संतुलित बना रहता है। उसमें सहनशीलता और सकारात्मकता बढ़ती है। यही कारण है कि आज डॉक्टर, वैज्ञानिक, शिक्षक और विद्यार्थी सभी योग को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानने लगे हैं। विदेशों में भी योग के प्रति लोगों का आकर्षण तेजी से बढ़ रहा है। अमेरिका, जापान, रूस और यूरोप के अनेक देशों में योग केंद्र स्थापित किए गए हैं। वहाँ लोग मानसिक तनाव और अस्वस्थ जीवनशैली से परेशान होकर योग की ओर आकर्षित हो रहे हैं। वे समझ चुके हैं कि केवल भौतिक सुखों से जीवन में शांति नहीं मिल सकती। भारत की यह प्राचीन विद्या आज पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन जीने की राह दिखा रही है। दुर्भाग्य की बात यह है कि जहाँ विदेशी लोग योग को अपनाकर लाभ उठा रहे हैं, वहीं अनेक भारतीय इससे दूर होते जा रहे हैं। आधुनिकता की दौड़ में लोग अपनी संस्कृति और परंपराओं को भूलते जा रहे हैं। जबकि योग हमारी अमूल्य धरोहर है। यदि हम इसे अपने जीवन में अपनाएँ, तो अनेक शारीरिक और मानसिक समस्याओं से बच सकते हैं। योग में अपार शक्ति छिपी हुई है। यह व्यक्ति के भीतर सोई हुई ऊर्जा को जागृत करता है। योग के माध्यम से मनुष्य अपने जीवन को संतुलित, स्वस्थ और सुखी बना सकता है। विशेष रूप से गर्मी के मौसम में योग का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। यह शरीर को शीतलता देता है, मन को शांति प्रदान करता है और स्वास्थ्य को मजबूत बनाता है। अंततः कहा जा सकता है कि योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि स्वस्थ और सफल जीवन जीने की कला है। यह मनुष्य को रोगों, तनाव और अशांति से दूर ले जाकर सुख, शांति और आत्मविश्वास प्रदान करता है। आज आवश्यकता इस बात की है कि प्रत्येक व्यक्ति योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाए। यदि हम प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए निकालें, तो हम न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगे, बल्कि मानसिक रूप से भी प्रसन्न और संतुलित जीवन जी सकेंगे। यही योग का वास्तविक उद्देश्य और सबसे बड़ा लाभ है। (वरिष्ठ पत्रकार साहित्यकार-स्तम्भकार) (यह लेखक के व्य‎‎‎क्तिगत ‎विचार हैं इससे संपादक का सहमत होना अ‎निवार्य नहीं है) .../ 19 मई /2026