अंतर्राष्ट्रीय
19-May-2026
...


-मेयर ममदानी ने घटना पर जताया दुख, इसे मुस्लिम विरोधी हिंसा बताया वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिका के सैन डिएगो में एक मस्जिद में हुए हमले में तीन लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद दोनों संदिग्ध हमलावर भी मृत पाए गए। पुलिस इस मामले की जांच हेट क्राइम हमले के तौर पर कर रही है। स्थानीय पुलिस के मुताबिक गोलीबारी उस समय हुई जब मस्जिद परिसर में लोग मौजूद थे। घटना के बाद पूरे इलाके को घेर लिया और भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। अमेरिकी मीडिया की हवाई तस्वीरों में कई बच्चों को मस्जिद परिसर से सुरक्षित बाहर निकालते हुए देखा गया। इलाके में दहशत का माहौल है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सैन डिएगो पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दोनों संदिग्ध किशोर हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में यह मामला एंटी-मुस्लिम हेट क्राइम प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पुलिस अभी हमलावरों की पहचान और हमले के मकसद की गहराई से जांच कर रही है। घटना पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह गलत और भयानक है। हम इस मामले की पूरी गंभीरता से जांच करेंगे। इस दौरान उन्होंने मध्य पूर्व और ईरान का भी जिक्र किया। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने कहा कि यह सबसे अहम काम है जो हम कर सकते हैं। ट्रम्प के बयान को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है जब अमेरिका में पहले से ही धार्मिक और राजनीतिक ध्रुवीकरण को लेकर बहस तेज है। विश्लेषकों का मानना है कि मस्जिद पर हुए इस हमले ने देश में बढ़ती इस्लामोफोबिया की चिंताओं को फिर सामने ला दिया है। वहीं, न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने घटना पर गहरा दुख जताया और इसे मुस्लिम विरोधी हिंसा बताया। उन्होंने कहा कि इस्लामोफोबिया पूरे देश में मुस्लिम समुदायों के लिए खतरा बनता जा रहा है। हमें डर और विभाजन की राजनीति के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना होगा। रिपोर्ट के मुताबिक ममदानी ने एहतियात के तौर पर न्यूयॉर्क शहर की मस्जिदों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का ऐलान किया है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि फिलहाल न्यूयॉर्क के धार्मिक स्थलों को कोई खतरा नहीं है। घटना के बाद अमेरिकी मुस्लिम संगठनों ने भी हमले की कड़ी निंदा की है और संघीय एजेंसियों से सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमलावरों के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या कट्टरपंथी सोच तो नहीं थी। सिराज/ईएमएस 19मई26