-रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने हाल में ज्यादा जहाज इस मार्ग से गुजरने की दी अनुमति नई दिल्ली,(ईएमएस)। ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद से पूरी दुनिया में तेल-गैस के बढ़ते हुए दाम को लेकर हाहाकार मचा है। यहां तक कि भारत में भी लगातार तेल के दामों में बढ़ोतरी हो रही है। इसी बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से खुशखबरी मिली है कि हफ्तेभर में यहां से शिप्स की सबसे बड़ी संख्या गुजरी है। रिपोर्ट के मुताबिक होर्मुंज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में फिर से बढ़ोतरी देखी गई है। समुद्री निगरानी कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक 11 मई से 17 मई के बीच हर सप्ताह करीब 55 मालवाहक जहाज इस रास्ते से गुजरे। इससे पहले युद्ध के दौरान यह संख्या गिरकर सिर्फ 19 जहाज रह गई थी, जो संघर्ष शुरू होने के बाद का सबसे निचला स्तर था। बता दें 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल ने संयुक्त रुप से ईरान पर किए हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया था। इसके जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक तेल और गैस बाजारों में भारी उथल-पुथल मच गई थी। जहाजों की आवाजाही रुकने से दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई थी। अब ताजा आंकड़े बता रहे हैं कि समुद्री यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने हाल के दिनों में ज्यादा जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी है। रिपोर्ट में कहा गया कि सप्ताह की शुरुआत में एक ही दिन में 30 से ज्यादा जहाजों को मंजूरी दी गई। हालांकि ईरानी अधिकारियों का कहना है कि हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं और युद्ध से पहले जैसी स्थिति लौटने में समय लगेगा। पिछले सप्ताह गुजरने वाले 55 जहाजों में अलग-अलग प्रकार के मालवाहक पोत शामिल थे। इनमें करीब आधे तेल और अन्य तरल पदार्थ ले जाने वाले टैंकर थे। इसमें तीन बड़े क्रूड ऑयल टैंकर चीन, ओमान और जापान की ओर जा रहे थे। इसके अलावा 15 ड्राई बल्क जहाज और 16 एलपीजी टैंकर भी इस रास्ते से गुजरे। रिपोर्ट के मुताबिक एलएनजी ले जाने वाला केवल एक जहाज कतर से पाकिस्तान पहुंचा। यह जहाज 12 मई को होर्मुज से होकर गुजरा। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक सिर्फ 8 एलएनजी जहाज इस रास्ते से गुजर पाए हैं। 1 मार्च से अब तक कुल 663 मालवाहक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर चुके हैं। सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल और एलएनजी की सप्लाई इसी रास्ते से होती है। इस बीच ईरान ने होर्मुज पर निगरानी और नियंत्रण बढ़ाने के लिए एक नई संस्था बनाने की घोषणा की है, जो जहाजों के संचालन और शुल्क वसूली का काम करेगी। इस संस्था के तहत ईरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर रीयल टाइम निगरानी रख सकेगा। इससे वैश्विक शिपिंग बाजारों में अनिश्चितता और बढ़ गई है। ईरान का कहना है कि वे इससे एक व्यवस्था बनाना चाहता है लेकिन कई देशों का मानना है कि वो इस तरह से होर्मुज पर अपना पूरा कब्जा जताना चाहता है। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत अब भी किसी बड़े नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। सिराज/ईएमएस 19मई26