- मास्टरमांइड बताई जा रही हनी ट्रैप केस में सजा काट चुकी श्वेता भी हिरासत में - इंदौर पुलिस ने श्वेता को भोपाल से किया गिरफ्तार - इंटेलिजेंस ब्रांच का हेड कॉन्स्टेबल भी गिरोह में शामिल - सुपर कॉरिडोर पर आरोपियो ने फरियादी को धमकी देकर की मारपीट भोपाल/इंदौर (ईएमएस)। इंदौर में शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह चौहान को हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कारोबारी की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने एक्शन मोड में आते हुए महिला शराब तस्कर अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी समेत हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को हिरासत में लिया है। आरोप है कि ये गैंग, कारोबारी के निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रुपए की डिमांड कर रहा था। वहीं हनी ट्रैप के इस पूरे मामले की मास्टरमाइंड श्वेता को बताया जा रहा है। गौरतलब है की श्वेता इससे पहले साल 2019 के सनसनीखेज हनी ट्रैप केस में सजा काट चुकी है। पुलिस ने भोपाल में घेराबंदी कर उसे भी हिरासत में लिया है। मिली जानकारी के अनुसार बाणगंगा निवासी हितेंद्र सिंह चौहान (45) ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था, कि द्वारकापुरी निवासी अलका दीक्षित से उनकी जान-पहचान है। अलका अवैध शराब तस्करी से जुड़ी रही है और उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। अलका ने उनकी पहचान खंडवा निवासी लाखन चौधरी से करवाई थी। वह पीथमपुर के पास खंडवा गांव का रहने वाला है। लाखन ने खुद को बड़ा निवेशक बताते हुए देवास, धार, खंडवा और आसपास प्रॉपर्टी बिजनेस में साझेदारी का प्रस्ताव दिया। - मना करने पर देने लगे अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी लेकिन उन्होनें उनका प्रस्ताव ठुकरा दिया इसके बाद अलका और लाखन ने उन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब उन्होनें उन लोगो पर ध्यान नहीं दिया तब कुछ समय बाद लाखन ने धमकाते हुए कहा की प्रॉपर्टी बिजनेस में पार्टनरी नहीं करने पर हम तुम्हारे अश्लील फोटो-वीडियो वायरल कर देंगे। कारोबारी ने उनकी धमकी को भी नजर अंदाज कर दिया। - सुपर कॉरिडोर पर रोककर की मारपीट इसके बाद करीब 20 दिन पहले हितेंद्र सिंह चौहान किसी काम से सुपर कॉरिडोर गये थे। वहां अलका, अपने बेटे जयदीप और लाखन के साथ पहुंच गई। आरोप है कि तीनों ने एक करोड़ रुपए की मांग करते हुए उसके साथ मारपीट कर रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी। - शिकायत मिलने पर एक्शन मोड में आई क्राइम ब्रांच इसके बाद हितेंद्र सिंह चौहान ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। शिकायत मिलते ही क्राइम ब्रांच ने तुरंत ही कार्यवाही शुरु करते हुए आरोपियो को दबोचने का प्लान बनाते हुए 7 टीमें तैयार की। टीमों ने करीब आधी रात को बजे भोपाल के द्वारिकापुरी और पीथमपुर के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। द्वारकापुरी स्थित घर से अलका का बेटा जयदीप दबोचा गया। वहीं अलका को रात भर तलाशने के बाद सोमवार अलसुबह करीब 4 बजे उसके एक निर्माणाधीन मकान से पकड़ा गया। इसी दिन शाम को भोपाल स्थित मिनाल रेसीडेंसी से श्वेता जैन को भी हिरासत में ले लिया, पूछताछ के लिए उसे इंदौर ले जाया गया है। उयार पीथमपुर से पुलिस टीम ने लाखन चौधरी को हिरासत में ले लिया। - इंटेलिजेंस ब्रांच का हेड कॉन्स्टेबल की भूमिका भी आई सामने जांच के दौरान सामने आया की इंटेलिजेंस ब्रांच का हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा आरोपी महिला अलका के लगातार संपर्क में था। दोनों के बीच चैटिंग भी सामने आई है। सूत्र यह भी बताते है कि कारोबारी के निजी वीडियो और फोटो अलका ने विनोद शर्मा को भेजे थे। इसके बाद ही विनोद ने ही अलका को कारोबारी पर दबाव बनाने और धमकाने कर ब्लेकमेल करने की सलाह दी थी। हालांकि इस बात की जॉच की जा रही है, लेकिन शुरुआती जॉच में सामने आये इनपुट पर पुलिस ने हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को राजेंद्र नगर स्थित सरकारी आवास से हिरासत में लेते हुए जॉच के लिये उसका लैपटॉप और मोबाइल जब्त कर लिया। - शराब तस्करी और ड्रग्स तस्करी से जुड़ी है अलका पुलिस ने जब अलका की अपराधिक कुंडली खंगाली तब पता चला की अलका दीक्षित पर 17 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह पहले शराब तस्करी से जुड़ी थी, बाद में ड्रग कारोबार में भी एक्टिव हो गई। पुलिस को संदेह है, कि यह गिरोह लंबे समय से लोगों को हनीट्रैप में फंसाकर ब्लेकमेल कर रकम वसूल कर रहे थे। जिसका खुलासा आरोपियो से पूछताछ के बाद ही हो सकेगा। जुनेद / 19 मई