पीएम मोदी के बयान के बाद सियासी हलचल तेज हैदराबाद,(ईएमएस)। सोमवार को तेलंगाना की राजनीति में एक नई अटकल को बल मिला, जब भाजपा सांसद धर्मपुरी अरविंद ने ये कहकर हलचल मचा दी कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी अंततः कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने संभावित राजनीतिक बदलाव की तुलना पश्चिम बंगाल के घटनाक्रम से की, जहां सुवेंदु अधिकारी 2020 में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे और बाद में एक प्रमुख प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरे। निज़ामाबाद से बीजेपी सांसद अरविंद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व ने रेवंत रेड्डी को मुख्यमंत्री नियुक्त करके एक बड़ी गलती की है, खासकर उन वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी कर जिन्होंने पार्टी में दशकों बिताए हैं। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी भी सुवेंदु अधिकारी की तरह ही अपने राजनीतिक भविष्य के लिए समान राह चुन सकते हैं। तेलंगाना में कांग्रेस के भविष्य को लेकर अपनी भविष्यवाणी कर अरविंद ने कहा कि पार्टी को 2028-29 में अभूतपूर्व हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने 1985 और 1994 में मिली हार का जिक्र कर कहा, 2028-29 में, रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में, कांग्रेस पार्टी को एक विनाशकारी हार का सामना करना पड़ेगा। दरअसल भाजपा सांसद की ये टिप्पणियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हैदराबाद में सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान सीएम रेड्डी पर की गई टिप्पणी के कुछ ही दिनों बाद आई हैं। मंच से तेलंगाना के मुख्यमंत्री को संबोधित कर पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा था, आप जहां पहुंचना चाहते हैं, नहीं पहुंच पाएंगे… अच्छा है कि मेरे से ही जुड़ो। इस दौरान मंच पर मौजूद रेवंत रेड्डी ने भी मुस्कान के साथ जवाब दिया था, इस बयान के राजनीतिक गलियारों में कयासों का बाजार गर्म हो गया था। प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी का जिक्र कर अरविंद ने खुद को भाजपा में सिर्फ एक जमीनी स्तर का कार्यकर्ता बताते हुए अपनी अनभिज्ञता जाहिर की। उन्होंने कहा, मैं ठीक से नहीं जानता कि इसका क्या मतलब है, क्योंकि मैं भाजपा में सिर्फ एक जमीनी स्तर का कार्यकर्ता हूं। मुझे यकीन नहीं है कि इसमें कोई राजनीतिक संबंध है। मुझे सच में नहीं पता कि कुछ चल रहा है, कुछ वैसा ही जैसा सुवेंदु अधिकारी ने किया था। हालांकि, उनकी इस टिप्पणी में परोक्ष रूप से बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की ओर इशारा था। उन्होंने दावा किया कि अगले दो वर्षों में तेलंगाना की राजनीति में ज़ोरदार हलचल देखने को मिलेगी और जोर देकर कहा कि भाजपा अंततः राज्य में सत्ता में आएगी। अरविंद की इन टिप्पणियों से ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनावों से पहले एक बड़े राजनीतिक विवाद के छिड़ने की संभावना है, क्योंकि भाजपा और सत्ताधारी कांग्रेस पहले से ही राज्य में तीखी राजनीतिक लड़ाई में उलझी हुई हैं। आशीष दुबे / 19 मई 2026