- 7 थैला और 5 बर्तन बैंकों से बदली शहर की तस्वीर; अब तक हजारों कपड़ों के थैले बांटे, आयोजनों में स्टील बर्तनों का बढ़ा क्रेज इंदौर (ईएमएस)। स्वच्छता में सात बार परचम लहराने के बाद अब इंदौर को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त शहर बनाने की दिशा में नगर निगम द्वारा प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से निगम का “थैला बैंक” और “बर्तन बैंक” अभियान जमीन पर तेजी से असर दिखा रहा है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव एवं निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देशानुसार इस अनूठी पहल को शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, प्रमुख बाजारों और रहवासी क्षेत्रों में लागू किया गया है। नगर निगम की सहयोगी एनजीओ संस्थाओं के माध्यम से संचालित इन बैंकों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के व्यवहार में बदलाव लाना और उन्हें प्लास्टिक के स्थान पर कपड़े के थैलों व पुनः उपयोग योग्य बर्तनों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। थैला बैंक के माध्यम से जहां लोगों को कपड़े के थैले उपलब्ध कराए जा रहे हैं, वहीं बर्तन बैंक सामाजिक, धार्मिक और पारिवारिक आयोजनों में डिस्पोजल प्लास्टिक की जगह स्टील सहित अन्य पुनः उपयोग योग्य बर्तनों के चलन को बढ़ावा दे रहा है। :: शहर में सक्रिय हैं 7 थैला और 5 बर्तन बैंक, हजारों नागरिकों को मिला लाभ :: वर्तमान में शहर के अलग-अलग हिस्सों में 7 थैला बैंक और 5 बर्तन बैंक पूरी सक्रियता से संचालित हो रहे हैं। आंकड़ों की बात करें तो थैला बैंक के माध्यम से अब तक 4800 कपड़े के थैलों का नि:शुल्क वितरण किया जा चुका है, जबकि बेहद कम कीमत पर 1400 थैलों का विक्रय भी हुआ है। दूसरी ओर, बर्तन बैंक की उपयोगिता भी लगातार बढ़ रही है। अब तक शहर के करीब 110 परिवारों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने अपने आयोजनों में डिस्पोजल को नकारते हुए इन बैंकों से बर्तन लेकर उपयोग किए हैं। इस मुहिम से आमजन को जोड़ने के लिए निगम द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। अब तक थैला बैंक की जागरूकता के लिए 206 और बर्तन बैंक की उपयोगिता समझाने के लिए 83 विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इन अभियानों के माध्यम से नागरिकों को सिंगल यूज प्लास्टिक से पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को होने वाले गंभीर नुकसान के प्रति सचेत किया जा रहा है। नगर निगम ने प्रबुद्ध शहरवासियों से अपील की है कि वे सिंगल यूज प्लास्टिक को पूरी तरह त्यागकर दैनिक जीवन में कपड़े के थैलों और स्टील के बर्तनों को अपनाएं ताकि इंदौर पर्यावरण संरक्षण में भी देश का आदर्श बन सके। प्रकाश/19 मई 2026